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जोशियाड़ा बैराज जलाशय में क्याकिंग और राफ्टिंग के गुर सीख रहे युवा

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त्तरकाशी के जोशियाड़ा बैराज झील में क्याक तथा राफ्टिंग का प्रशिक्षण लेते जनपद के युवा। - फोटो : UTTER KASHI
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जोशियाड़ा बैराज जलाशय आजकल जलक्रीड़ा का केंद्र बना हुआ है। जलाशय में दौड़ती क्याक और राफ्ट लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए है। पर्यटन विभाग की ओर से यहां चलाए जा रहे जलक्रीड़ा प्रशिक्षण में 20 स्थानीय युवा क्याकिंग एवं राफ्टिंग के गुर सीख रहे हैं।
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यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम समेत दर्जनों पर्यटन स्थलों के प्रमुख पड़ाव उत्तरकाशी में नगर के मध्य बनी मनेरी भाली परियोजना की जोशियाड़ा बैराज झील में डीएम डा. आशीष चौहान की पहल रंग लाने लगी है। इस कृत्रिम झील में नौकायन के साथ ही जलक्रीड़ा की संभावनाएं नजर आने लगी हैं। आजकल यहां पर्यटन विभाग की ओर से 13 स्थानीय युवक एवं 7 युवतियों को क्याकिंग एवं राफ्टिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। गंगा वाटर स्पोर्ट्स एडवेंचर एजेंसी के प्रशिक्षक युवाओं को जलक्रीड़ा के गुर सिखा रहे हैं। सात दिवसीय शिविर में युवाओं को क्याकिंग एवं राफ्टिंग के गुर सिखा रहे विक्रम पंवार, प्रवीण रांगड़, प्रवीण रावत, हिमांशू सजवाण एवं मोनिका नेगी का कहना है, कि जोशियाड़ा और मनेरी बैराज की कृत्रिम झीलों के साथ ही चिन्यालीसौड़ तक पसरी टिहरी बांध झील में वाटर स्पोर्ट्स की अच्छी संभावनाएं हैं। जबकि जांगला से झाला तक गंगा भागीरथी के साथ ही यमुना एवं टौंस नदी में भी राफ्टिंग के लिए अनुकूल स्थितियां हैं। जिला पर्यटन अधिकारी प्रकाश खत्री ने कहा कि देश-विदेश से बड़ी संख्या में वाटर स्पोर्ट्स के शौकीन यहां आते हैं। ऐसे में प्रशिक्षित युवाओं के लिए वाटर स्पोर्ट्स के क्षेत्र में स्वरोजगार की अच्छी संभावनाएं हैं।
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