जिला मुख्यालय से महज आठ किमी दूर मातली में गंगोत्री हाईवे के किनारे गंदे पानी की निकासी नहीं होने से ग्रामीण परेशान हैं। हाईवे पर जलभराव की समस्या को देखते हुए बीते साल लोनिवि ने सड़क पर टाइल्स बिछाकर इतिश्री कर ली। अब सड़क किनारे नालियों में जमा गंदे पानी से उठती दुर्गंध से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।
जल भराव से निजात दिलाने की ग्रामीणों की मांग पर बीते साल यात्रा सीजन के दौरान सरकार ने लोनिवि के माध्यम से हाईवे के प्रभावित हिस्से में टाइल्स तो बिछवाई, लेकिन सड़क किनारे की नालियों का निर्माण और इसके गंदे पानी की निकासी करना भूल गई।
नाली में जमा कीचड़ से उठती दुर्गंध और मक्खी-मच्छरों से संक्रामक रोगों का खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय निवासी भगवान सिंह, विपिन उनियाल, सोहन खरोला, अरविंद रावत आदि ने कहा कि बीआरओ सड़क पर ध्यान नहीं दे रहा।
अब नालियों में जमा पानी कहां जाएगा, इसकी कोई व्यवस्था नहीं। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र समस्या के निराकरण की मांग की है।
लोनिवि के ईई अशोक चौहान का कहना है कि यात्रा के समय लोनिवि को मातली में सिर्फ जलभराव वाले हिस्से में टाइल्स बिछाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हाईवे के किनारे गंदे पानी की निकासी बीआरओ की जिम्मेदारी है।