टिहरी बांध झील के कारण बीते दस सालों से अलग-थलग पड़ने की दिक्कतें झेल रहे दिचली गमरी क्षेत्र के ग्रामीणों को जल्द समस्या से निजात मिलने की उम्मीद है। तय समय से ही सही देवीसौड़ में निर्माणाधीन मोटर पुल का सिविल कार्य पूरा कर अब पुल बांधने का काम शुरू हो गया है।
पुनर्वास विभाग के अधिकारी छह माह के भीतर पुल तैयार करने का दावा कर रहे हैं। आर्क ब्रिज तकनीकी से बनने वाला उत्तराखंड का पहला पुल होगा। बता दें कि वर्ष 2006-07 में टिहरी बांध झील का जलस्तर चिन्यालीसौड़ तक पहुंचने पर देवीसौड़ में बना मोटर पुल झील में डूब गया था, जिससे दिचली गमरी क्षेत्र के 42 गांव अलग-थलग पड़ने से ग्रामीणों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कई बार आंदोलन करने पर वर्ष 2013 में केंद्र और राज्य सरकार की आधी-आधी भागीदारी से यहां टिहरी बांध झील पर 40 करोड़ रुपये की लागत के मोटर पुल को स्वीकृति मिली। यहां 62 मीटर स्पान में 5.75 मीटर चौड़ा 24 टन भार वहन क्षमता का आर्क ब्रिज बनाया जा रहा है। इस तकनीकी से बनने वाला यह उत्तराखंड का पहला पुल होगा।
अनुबंध के मुताबिक पुल को सितंबर 2014 तक तैयार होना था, लेकिन आपदा और टिहरी बांध झील का जलस्तर घटने-बढ़ने के कारण काम प्रभावित होने पर अब सितंबर 2016 तक पुल को तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। धरातल पर देखें तो पुल के सिविल कार्य लगभग पूरे हो चुके हैं।
फैब्रिकेशन के बाद अब पिलरों के बीच गार्डर फिट कर पुल को बांधने का काम शुरू हो गया है। काम की रफ्तार में आई तेजी को देखकर उम्मीद है कि छह माह के भीतर पुल से आवाजाही शुरू हो जाएगी। पुनर्वास विभाग के अधिकारी भी यही दावा कर रहे हैं।
पूर्व में आपदा एवं टिहरी बांध झील के कारण रास्ते अवरुद्ध होने से पुल निर्माण में विलंब हुआ। ठेकेदार कंपनी को तेजी से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। सितंबर 2016 तक पुल तैयार कर यातायात चालू कर लिया जाएगा।
डीके सिंह, ईई पुनर्वास विभाग टिहरी।