गंगा घाटी के जंगलों में भड़की आग थमने का नाम नहीं ले रही है। अभी तक अपेक्षाकृत शांत रहे रवाईं घाटी के जंगल भी अब आग की चपेट में आने लगे हैं। सीजन में अभी तक जिले में करीब 53 हेक्टेयर जंगल आग की चपेट में आ चुके हैं। जिला मुख्यालय के निकटवर्ती वरुणावत और कुटेटी देवी के जंगलों में भी आग भड़की हुई है।
रवाईं घाटी में बीते दो दिन से ही दावानल की कुछ घटनाएं सामने आई हैं। टौंस वन प्रभाग के अंतर्गत हुडोली, चंदेली, मैराणा, छिबाला, गुंदियाटगांव एवं जरमोला के जंगल आग की चपेट में हैं। जंगल की आग छिबाला गांव के खेत खलिहानों तक पहुंचने से ग्रामीण भयभीत हैं।
गंगा घाटी में चिन्यालीसौड़, धरासू, डुंडा एवं मुखेम रेंज के जंगल जल रहे हैं। जिला मुख्यालय से लगे वरुणावत और कुटेटी देवी के जंगलों में भड़की आग निकटवर्ती आबादी के लिए खतरा बनती जा रही है। वरुणावत पर महिडांडा मोटर मार्ग के पास और कुटेटी देवी के जंगल में लगी आग को काबू करने के लिए वन विभाग को दमकल वाहनों की मदद लेनी पड़ी।
आग बुझाने में जुटे स्वयंसेवी
जिंदल साउथ वेस्ट फाउंडेशन के पर्यावरण शिक्षण केंद्र के कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों के सहयोग से पाटा एवं संग्राली गांव के पास जंगल में लगी आग को बुझाया। उन्होंने ग्रामीणों से खेतों का कबाड़ सुरक्षित ढंग से जलाने की अपील करने के साथ ही जंगलों को आग से बचाने के उपाय भी बताए। इस मौके पर डा. चंदन, खुशपाल सिंह, जगरोशन सिंह, विपिन आदि मौजूद रहे।