श्रद्धालुओं का ग्रामीणों ने जगह-जगह किया स्वागत
उत्तरकाशी। साल्ड गांव के ग्रामीण बुधवार को अपने आराध्य देवी मां अष्टभुजा देवी और मटीक ढोल देवता के साथ डोडीताल के लिए रवाना हुए। गांव से डोडीताल तक धार्मिक यात्रा के दौरान जगह-जगह ग्रामीणों ने देवी-देवताओं का फूल-मालाओं से स्वागत किया। वहीं, अगोड़ा गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने साल्ड से पहुंचे श्रद्धालुओं और देवी-देवताओं का भव्य स्वागत किया।
बुधवार को साल्ड गांव की थात पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए। यहां विधिविधान से मां अष्टभुजा देवी और मटीक ढोल देवता की विशेष पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद ग्रामीण पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ डोडीताल के लिए रवाना हुए। यात्रा को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह नजर आया।
साल्ड गांव निवासी अवतार सिंह मेहर और सुरेश नौटियाल ने बताया कि इस धार्मिक यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए हैं। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने मटीक ढोल देवता का पुनर्निर्माण कराया है। डोडीताल पहुंचने के बाद देवता की विधिवत शुद्धीकरण पूजा की जाएगी। वहीं, अगोड़ा गांव में ग्रामीणों ने फूल-मालाओं से स्वागत कर धार्मिक यात्रा का उत्साह बढ़ाया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा।
इस मौके पर बुद्धि सिंह मखलोगा, अवतार सिंह महर, सुरेश नौटियाल, कुशाल सिंह राणा, सर्वेश्वर नौटियाल, नरेंद्र सिंह राणा, संतोष नौटियाल, रमेश नेगी, बद्री प्रसाद सेमवाल, रोशन लाल, आनंदमणि सेमवाल आदि मौजूद रहे।