कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते असी गंगाघाटी के ग्रामीण।
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गंगोरी-अगोड़ा-डोडीताल मोटर मार्ग का सुधारीकरण न होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने वाद्य यंत्रों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में प्रदर्शन कर रोष जताया। ग्रामीणों ने कार्यदायी संस्था पीएमजीएसवाई के विरोध में जमकर नारेबाजी भी की। करीब दो घंटे के प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी के सकारात्मक आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए। ग्रामीणों ने जल्द मोटर मार्ग का सुधारीकरण न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
वर्ष 2012 की बाढ़ में गंगोरी-अगोड़ा-डोडीताल मोटर मार्ग का काफी बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। इस मोटरमार्ग से भटवाड़ी विकासखंड के आधा दर्जन से अधिक गांव जुड़े हुए हैं। ग्रामीणों की मांग पर वर्ष 2014 में मोटर मार्ग सुधारीकरण के लिए सवा 10 करोड़ की धनराशि स्वीकृत हुई थी। इसमें से 8 करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च कर दी गई है लेकिन मोटर मार्ग की स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है। मोटर मार्ग सुधारीकरण न किए जाने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार को वाद्ययंत्रों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन किया। इससे पूर्व ग्रामीणों ने शहर के मुख्यमार्गों पर जुलूस भी निकाला। जिला पंचायत सदस्य सरिता चौहान ग्राम प्रधान अगोड़ा मुकेश रावत, ग्राम प्रधान नौगांव नीलम रावत ने कहा कि मोटर मार्ग सुधारीकरण के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों से कई बार शिकायत की जा चुकी है लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही है। जर्जर मोटर मार्ग पर हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने मोटर मार्ग के सुधारीकरण के साथ ही गंगोरी घटुसौड़ से संगम चट्टी तक अस्सी गंगा के दोनों ओर सुरक्षा दीवार निर्माण कराए जाने की मांग भी की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मोटर मार्ग का सुधारीकरण नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों ने करीब दो घंटे तक जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के सकारात्मक आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए।