डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन से जुड़े फार्मासिस्टों ने दी आंदोलन की चेतावनी
उत्तरकाशी। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन से जुड़े फार्मासिस्टों ने पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों की ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े 391 फार्मेसी अधिकारी पदों को बहाल करने की मांग की है। उन्होंने मांग पर कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। संगठन का कहना है कि वर्ष 2005-06 में राज्य के 536 स्वास्थ्य उपकेंद्रों में फार्मेसी अधिकारियों के पद सृजित कर नियुक्तियां की गई थीं जिससे दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों की जनता को प्राथमिक उपचार की सुविधा मिली।
आरोप है कि दिसंबर 2021 में फार्मासिस्ट संवर्ग के पुनर्गठन के दौरान इन 536 पदों में से 119 पद मेडिकल कॉलेजों को आवंटित कर दिए गए जबकि 391 पदों को स्थगित कर दिया गया। इससे दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि इन 391 पदों को यथावत रखने के लिए चिकित्सा विभाग की ओर से शासन को प्रस्ताव भेजा गया था जिस पर चिकित्सा और कार्मिक विभाग की सहमति मिल चुकी है।
वर्तमान में 31 अगस्त तक पत्र लेखन अभियान चलाया जा रहा है। इसके बाद 1 से 15 सितंबर तक फार्मेसी अधिकारी काला फीता बांधकर विरोध करेंगे। समाधान न होने पर क्रमिक धरना और सामूहिक अवकाश की दिशा में आगे बढ़ने की चेतावनी दी गई है। ज्ञापन सौंपते वक्त संगठन के अध्यक्ष अजय जोशी, सचिव जय प्रकाश मटवाण आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।