शिकायतों के बावजूद रास्ता पूरी तरह से नहीं हो पाया है अतिक्रमण
पुरोला। हुड़ोली बाजार में सार्वजनिक पैदल मार्ग पर अतिक्रमण का मामला एक बार फिर गरमा गया है। शिकायतों के बावजूद रास्ता पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। अब प्रशासन की जांच में दोनों पक्षों की ओर से सरकारी भूमि पर कब्जा मिलने के बाद मामला नया मोड़ ले चुका है।
ग्रामीण किशन सिंह रावत ने उपजिलाधिकारी मुकेश रमोला के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर रास्ते को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। किशन सिंह का आरोप है कि उनकी दशकों पुरानी दुकान के समीप स्थित सार्वजनिक पैदल मार्ग पर कुछ माह पहले एक व्यक्ति ने अतिक्रमण कर दिया जिससे स्थानीय लोगों के आवागमन में परेशानी हो रही है।
उनका कहना है कि तहसील प्रशासन, पुलिस और जनप्रतिनिधियों से कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। उन्होंने बताया कि 29 जनवरी 2026 को उपजिलाधिकारी पुरोला, 31 मार्च को प्रभारी मंत्री, 9 अप्रैल को मुख्यमंत्री तथा 27 मई को मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई थी। प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने का नोटिस भी जारी किया, लेकिन कार्रवाई बीच में ही ठप पड़ गई और आज तक रास्ता अतिक्रमण मुक्त नहीं हो सका।
ग्रामीण ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर सार्वजनिक पैदल मार्ग से अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो वह अपने परिवार के साथ अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे। इधर, उपजिलाधिकारी मुकेश रमोला ने बताया कि राजस्व विभाग की जांच में दोनों पक्षों की ओर से सरकारी भूमि पर कब्जा पाया गया है। दोनों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की जा चुकी है और नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया जारी है।