बड़कोट। शीतकालीन चारधाम यात्रा को केवल धार्मिक गतिविधि तक सीमित रखने के बजाय इसे गांवों की अर्थव्यवस्था और रोजगार को जोड़ने की मांग उठी है। चारधाम होटल एसोसिएशन ने गढ़वाल आयुक्त को आठ सूत्री ज्ञापन सौंपकर शीतकालीन गद्दीस्थलों को ग्रामीण तीर्थाटन केंद्र के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया है।
यमुनोत्री क्षेत्र में विकासनगर के कट्टापत्थर स्थित आरटीओ चेकपोस्ट व्यवस्था समाप्त करने व जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग की खराब स्थिति को देखते हुए वैकल्पिक मार्ग विकसित करने की मांग की गई। खरसाली में स्वास्थ्य, शौचालय, विद्युत और पेयजल सुविधाओं को मजबूत करने के साथ मुखबा-जंगला मोटर मार्ग का निर्माण जल्द पूरा करने और मुखबा में हेलिपैड बनाने की मांग रखी गई। पांडुकेश्वर के योगध्यान मंदिर की क्षतिग्रस्त एप्रोच रोड के सुदृढ़ीकरण का मुद्दा भी उठाया गया।
यमुनाघाटी होटल एसोसिएशन अध्यक्ष सोबन सिंह राणा ने बताया कि गत दिवस गढ़वाल आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में ज्ञापन सौंपा गया। उनका कहना है कि शीतकालीन यात्रा को विस्तार मिलने से स्थानीय कारोबार और रोजगार बढ़ने के साथ पलायन पर भी अंकुश लगाया जा सकता है। संवाद