फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देवस्थानम बोर्ड भंग करने की मांग

विज्ञापन
विज्ञापन
सीएम तीरथ सिंह रावत को गंगोत्री विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ने पर गंगोत्री धाम के तीर्थ पुरोहितों की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है। देवस्थानम बोर्ड को लेकर आंदोलनरत तीर्थ पुरोहितों ने रविवार को साफ कहा कि देवस्थानम बोर्ड रद्द करने के बाद ही सीएम गंगोत्री से उपचुनाव लड़ने पर विचार करें।
विज्ञापन

दरअसल, गंगोत्री विधानसभा में सालों से ऐसी मान्यता है कि इस सीट से जिस भी दल का विधायक चुना जाता है, राज्य में वही दल सत्ता पर आसीन होता है। निवर्तमान विधायक गोपाल सिंह रावत के निधन से खाली सीट पर सीएम तीरथ सिंह रावत के उपचुनाव लड़ने की अटकलें लगाई जा रही है। भाजपा जिला संगठन के सीएम को सीट से चुनाव लड़ने का न्योता दिए जाने से इन अटकलों को बल भी मिल रहा है। तीर्थ पुरोहितों को इसकी भनक लगने पर उन्होंने अपना पक्ष रखा है।
तीर्थ पुरोहित राकेश सेमवाल ने कहा कि सीएम देवस्थानम बोर्ड को भंग करने के बाद ही सीट से चुनाव लड़ने पर विचार करें। वहीं श्री पांच गंगोत्री मंदिर समिति के सह सचिव राजेश सेमवाल का कहना है कि यह सीएम पर है कि वह गंगोत्री के पुरोहितों का आशीर्वाद लेते हैं या नाराजगी। कहा कि देवस्थानम बोर्ड पर तीर्थ पुरोहितों की मांग को नजरंदाज किया गया, तो सीएम किसी भी सीट से उपचुनाव लड़े उन्हें तीर्थ पुरोहितों की नाराजगी झेलनी पड़ेगी।
विज्ञापन

तीसरे दिन भी जारी रहा आंदोलन
देवस्थानम बोर्ड भंग करने की मांग को लेकर गंगोत्री व यमुनोत्री दोनों धामों में रविवार को तीसरे दिन भी आंदोलन जारी रहा। बांह पर काली पट्टी बांध कर तीर्थपुरोहितों ने सांकेतिक धरना दिया। गंगोत्री धाम में शिव प्रसाद सेमवाल, प्रकाश सेमवाल, मद्राचल सेमवाल, सूर्यप्रकाश सेमवाल, बद्री प्रसाद सेमवाल, संजय सेमवाल मौजूद रहे। वहीं यमुनोत्री धाम मंदिर परिसर में धर्मानंद उनियाल, अंशुल, पंकज, नंद किशोर उनियाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें