बैठक में ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने किया प्रतिभाग
उत्तरकाशी। गाजणा जलकुर घाटी लोक सांस्कृतिक एवं पर्यटन विकास कार्यक्रम की पहली गोष्ठी आयोजित की गई। गाजणा-जलकुर घाटी की लोक संस्कृति के संरक्षण और पर्यटन विकास को लेकर बैठक में चर्चा हुई। कलीराम नौटियाल स्मृति फाउंडेशन सोसाइटी की ओर से आयोजित बैठक में क्षेत्र के ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों और अन्य लोगों ने भाग लिया।
बैठक में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर चर्चा की गई। इसमें क्षेत्र की लोक संस्कृति, पारंपरिक रीति-रिवाजों, लोकगीतों, लोकनृत्यों और धार्मिक एवं ऐतिहासिक विरासत को मंच देने पर जोर दिया गया। साथ ही स्थानीय पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ावा देने, युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर विकसित करने व महिला समूहों, लोक कलाकारों और स्थानीय उत्पादकों को प्रोत्साहित करने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं और आपसी समन्वय पर चर्चा करते हुए उपस्थित सदस्यों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। आयोजन की व्यवस्थाओं के सुचारु संचालन के लिए कुछ ग्राम प्रधानों का चयन भी किया गया। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम में सभी ग्राम पंचायतों और क्षेत्रवासियों की भागीदारी तय करने पर जोर दिया। आयोजकों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य गाजणा-जलकुर घाटी की सांस्कृतिक पहचान को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाना और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना है।