डीएम विनय शंकर पांडेय ने आपदा पीड़ित परिवारों की ओर से सरकारी सहायता से बनाए जा रहे घरों के निर्माण की समीक्षा की।
जिले में स्वीकृत 296 भवनों के सापेक्ष अभी तक सिर्फ 151 ही तैयार होने तथा कई लोगों द्वारा भवन निर्माण शुरू भी नहीं किए जाने पर डीएम ने नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि 10 दिसंबर तक भवन निर्माण पूरा नहीं करने वाले लाभार्थियों को सूची से हटाकर उनसे दी गई धनराशि की वसूली की जाएगी।
जून 2013 की आपदा में घर गवांने वाले आपदा पीड़ित परिवारों को ओडीसीएच के तहत 5-5 लाख रुपये सहायता राशि देकर उनके घरों का निर्माण कराया जा रहा है।
इसमें जिले में 296 परिवारों को योजना में चयनित किया गया। दो साल बीतने के बाद भी सिर्फ 151 घर ही पूरे बन पाए हैं और 110 निर्माण के अंतिम दौर में हैं।
शेष घरों का अभी तक निर्माण नहीं हुआ है। शासन के निर्देश पर बुधवार को डीएम पांडेय ने बैठक कर योजना के तहत बन रहे घरों के निर्माण की समीक्षा की।
उन्होंने भवन निर्माण की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। डीएम ने कहा कि जिन लाभार्थियों को पूरी सहायता राशि दी जा चुकी है, वे हर हाल में 25 नवंबर तक भवनों का निर्माण पूरा करें।
शेष भवनों का निर्माण भी दस दिसंबर तक पूरा किया जाए। डीएम ने भवन निर्माण में कोताही बरतने वाले एक लाभार्थी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के आदेश भी दिए।
बैठक में एडीएम बीके मिश्रा, एसडीएम हरगिरी, राजकुमार पांडे, विजयनाथ शुक्ल, लोनिवि के ईई अशोक कुमार, तहसीलदार रमेश प्रसाद बहुगुणा, आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल, सुधा संस्था के समन्वयक विवेक शर्मा आदि मौजूद रहे।