जिला अस्पताल में एक नवजात की मौत पर परिजनों ने हंगामा किया। विवाद बढ़ने पर पुलिस को बीच बचाव के लिए अस्पताल पहुंचना पड़ा। हालांकि बाद में मामला शांत हो गया था।
टिहरी जनपद के भैंतलाखाल प्रतापनगर निवासी रविंद्र की पत्नी स्मिता (20) को प्रसव के लिए 15 नवंबर को उत्तरकाशी के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
16 नवंबर की शाम को महिला ने बच्चे को जन्म दिया। नवजात का वजन सामान्य से कम होने के कारण चिकित्सक उसके उपचार में लगे थे, लेकिन बुधवार सुबह बच्चे की मौत हो गई।
इस पर परिजन भड़क उठे। उन्होंने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मृत शिशु का शव ले जाने से इंकार करते हुए अस्पताल में हंगामा किया।
इस दौरान यहां मौजूद अन्य मरीजों एवं उनके तीमारदारों ने भी अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्थाओं की बदहाली पर रोष जताया। विवाद बढ़ने पर पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा।
उन्होंने समझा बुझा कर किसी तरह परिजनों को शांत कराया। मौके पर मौजूद महिला चिकित्सक डा. दीपिका, डा. आकांक्षा एवं डा. सरोज ने बताया कि नवजात का वजन सामान्य से काफी कम था।
इसे बचाने का हरसंभव प्रयास किया गया। प्रभारी सीएमएस डा. एसपी कुड़ियाल का कहना है कि जिला अस्पताल में गायनोकोलॉजिस्ट नहीं होने के बावजूद महिला चिकित्सक किसी तरह प्रसव करा रही हैं। नवजात की मौत लापरवाही से नही, बल्कि स्वास्थ्य कारणों से हुई।