उत्तरकाशी में धरासू बैंड के पास गंगोत्री हाईवे को खोलता बीआरओ का डोजर।
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धरासू के निकट कई वर्षों से सक्रिय भूस्खलन गंगोत्री हाईवे के लिए नासूर बनता जा रहा है। ऑल वेदर रोड के तहत इसके ट्रीटमेंट के प्रयास भी कारगर साबित नहीं हो पा रहे हैं। इस हिस्से में बार-बार भूस्खलन होने से गंगोत्री हाईवे पर आए दिन यातायात प्रभावित हो रहा है। बीआरओ द्वारा गंगा भागीरथी नदी के पर तैयार किया गया वैकल्पिक मार्ग भी नदी में पानी बढ़ने से ठप पड़ गया है। यदि जल्द ही लैंडस्लाइड जोन का ट्रीटमेंट नहीं हुआ तो मानसून सीजन के दौरान यह भारी दिक्कतें पैदा करेगा।बता दें कि चिन्यालीसौड़ ब्लॉक के धरासू थाने के निकट कई वर्षों से भूस्खलन सक्रिय है। अब ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत इसका ट्रीटमेंट किया जा रहा है। लेकिन कटिंग कार्य के कारण इस स्थान पर भूस्खलन का दायरा बढ़ता जा रहा है। बीते तीन अप्रडैल को इस हिस्से में भारी भूस्खलन होने के कारण गंगोत्री हाईवे पर करीब एक हफ्ते तक यातायात ठप रहा। भूस्खलन का सिलसिला नहीं थमने पर बीआरओ ने यहां गंगा भागीरथी नदी पर वैकल्पिक मार्ग तैयार कर वाहनों की आवाजाही शुरू करायी थी। कुछ दिनों बाद भूस्खलन का मलबा साफ कर हाईवे पर भी यातायात बहाल कर दिया गया, लेकिन बार-बार मलबा आने से हाईवे पर यातायात प्रभावित हो रहा है।
मंगलवार रात को उक्त स्थान पर दोबारा भूस्खलन होने से गंगोत्री हाईवे पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। जबकि गंगा भागीरथी का जल स्तर बढ़ने से वैकल्पिक मार्ग भी बाधित हो गया। जिसके चलते उत्तरकाशी से देहरादून एवं चचिषकेश के बीच आवाजाही करने वाले आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहन यहां घंटों फंसे रहे। कोरोना महामारी के इस दौर में बार-बार हाईवे के बाधित होने से आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही लैंडस्लाइड जोन का उपचार नहीं किया गया तो आने वाले मानसून सीजन में यहां यातायात पर लंबा ब्रेक लगने की आशंका है।
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धरासू भूस्खलन जोन का ट्रीटमेंट किया जा रहा है, लेकिन पहाड़ी पर ऊंचाई से बार-बार हो रहे भूस्खलन के कारण यहां काम कराने में दिक्कतें आ रही हैं। गंगा भागीरथी पर तैयार की गई वैकल्पिक सड़क नदी में पानी बढ़ने से प्रभावित हुई है। फिलहाल मलबा हटाकर हाईवे पर यातायात बहाल कर दिया गया है। पानी कम होने पर वैकल्पिक सड़क को भी दुरुस्त कराया जाएगा।
एलएन शर्मा, साईट इंचार्ज बीआरओ।
चिन्यालीसौड़ से गंभीरपाल परमार।