डीएम विनय शंकर पांडे ने ओडीसीएच (आनर ड्रिवन कंस्ट्रक्शन आफ हाउस) के तहत बन रहे आपदा प्रभावितों की आवासीय भवनों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने लाभार्थी वार तैनात नोडल अधिकारियों को 28 फरवरी तक अधूरे भवनों का निर्माण हर हाल में पूरा करवाने की हिदायत दी।
जनपद में आपदा की त्रासदी में घर से बेघर हुए 296 आपदा प्रभावित परिवारों के लिए ओडीसीएच के तहत आवासीय भवनों का निर्माण किया जाना है। इसमें अधिकांश परिवारों को प्रशासन से पहली एवं दूसरी किश्त जारी होने के बावजूद कुछेक भवन का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। शनिवार को जिला सभागार में डीएम ने लाभार्थी वार तैनात नोडल अधिकारियों की बैठक लेकर आवासीय भवनों की प्रगति की समीक्षा की। आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि पूर्व में कुछ लाभार्थियों ने निर्माण में लापरवाही बरती, जिस पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। डीएम ने सभी नोडल अधिकारियों को शौचालय के साथ तैयार आवासीय भवनों का उपयोगिता प्रमाण पत्र शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा। अधूरे पड़े आवासीय मकान का निर्माण 28 फरवरी तक पूरा नहीं करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर अधिशासी अभियंता अशोक कुमार, तहसीलदार भटवाड़ी मुकेश रमोला, जिला सूचना अधिकारी एएस पंवार आदि मौजूद थे।