करीब एक साल पहले नाबालिग के साथ छेड़छाड़ करने के मामले में मंगलवार को विशेष सत्र न्यायालय ने अपना निर्णय सुनाया, जिसके तहत मामले में संलिप्त नाबालिग आरोपी को पांच साल के लिए बाल सुधार गृह भेजने व दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता पोक्सो पूनम सिंह ने बताया कि 1 मार्च 2018 को नौगांव ब्लॉक की एक आठ वर्षीय लड़की लापता हो गई थी। परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने तीन मार्च को मामले में संलिप्त 15 वर्षीय नाबालिग लड़के को गिरफ्तार कर उसके कमरे से लापता लड़की को बरामद किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं सहित एससी-एसटी एक्ट व 7/8 पोक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। विशेष सत्र न्यायाधीश कौशल किशोर शुक्ला ने आरोपी को छेड़छाड़ का दोषी पाया। साथ ही उसे पांच साल के लिए बाल सुधार गृह भेजने व दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।