मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर प्रभावितों को ढांढस बंधाया। साथ ही प्रभावित परिवारों को विस्थापित करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।
बुधवार को भारी बारिश के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मांडों व कंकराड़ी गांव का स्थलीय निरीक्षण किया। सीएम ने इन क्षेत्रों का जल्द भू-वैज्ञानिक सर्वे कराने के बाद विस्थापन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मांडों गांव में मृतक माधुरी की सास अन्नपूर्णा देवी ने उनके बेटे का स्थानातंरण जिला मुख्यालय के नजदीकी स्कूल में करने की मांग की। माधुरी के पति देवानंद भट्ट सर्प जोगत गांव के प्राथमिक स्कूल में अध्यापक हैं। इस पर कार्रवाई के लिए सीएम ने जिलाधिकारी को निर्देश दिए। मांडों गांव के बाद सीएम धामी कंकराड़ी गांव पहुंचे। जहां उन्होंने मृतक सुमन के परिजनों से मुलाकात की और शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी। सीएम ने परिजनों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया। इस दौरान जनपद के प्रभारी मंत्री गणेश जोशी, जिलाध्यक्ष रमेेश चौहान, जिला महामंत्री हरीश डंगवाल, विजय बहादुुर सिंह रावत, किशोर भट्ट, विजयपाल मखलोगा, पवन नौटियाल, डीएम मयूर दीक्षित, एसपी मणिकांत मिश्रा, सीडीओ गौरव कुमार, एसडीएम देवेंद्र नेगी, आकाश जोशी, सीओ हीरालाल बिजल्वाण आदि मौजूद थे।
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सीएम के सामने फूट फूट कर रोईं महिलाएं
मांडों गांव की आपदा प्रभावित महिलाएं सीएम के सामने फूट-फूट कर रोईं। महिलाओं का कहना था कि उनके घर में खाने तक को कुछ नहीं बचा है। महिलाओं ने इस बात पर आक्रोश भी जताया कि सीएम को आपदा प्रभावितों से मिलाने के बजाय कार्यकर्ताओं ने घेरा हुआ है। सीएम ने आपदा प्रभावितों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया।
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सीएम के दौरे में रहा कुप्रबंधन
सीएम के दौरे में जिला प्रशासन का प्रबंधन सही नहीं रहा। जिससे चलते कई प्रभावित सीएम से नहीं मिल पाए। आपदा प्रभावित महिलाएं सीएम से मिल ही नहीं पाईं। कई प्रभावितों ने सीएम को रास्ते में रोककर आपबीती सुनाई। वहीं कुछ व्यक्ति प्रभावितों की समस्या कहने के बजाय सीएम के समक्ष जिला प्रशासन का गुणगान करते रहे।