भूस्खलन के कारण एक साथ यमुनोत्री, गंगोत्री दोनों हाईवे बंद हो जाते थे। अधिक मलबा और बोल्डर आने के कारण गत दो सालों में वहां पर मानसून सीजन में कई दिनों तक हाईवे बंद रहा। इससे चारधाम यात्रियों के साथ स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था, लेकिन इस बार यात्रियों के सामने यह दिक्कत नहीं होगी।
धरासू में यमुनोत्री हाईवे पर भूस्खलन जोन के ट्रीटमेंट कार्य 15 अप्रैल तक पूरा हो जाएगा। कार्यदायी संस्था का दावा है कि इसका कार्य पूर्ण कर चारधाम यात्रा में यात्रियों को आवागमन में सुविधा होगी। इसके ट्रीटमेंट से धरासू में यमुनोत्री के साथ गंगोत्री हाईवे पर आवागमन के लिए बड़ी राहत होगी।
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धरासू में दो वर्ष पूर्व सक्रीय भूस्खलन जोन यमुनोत्री सहित गंगोत्री हाईवे के लिए नासूर बना हुआ था। वहां पर भूस्खलन के कारण एक साथ दोनों हाईवे बंद हो जाते थे। अधिक मलबा और बोल्डर आने के कारण गत दो सालों में वहां पर मानसून सीजन में कई दिनों तक हाईवे बंद रहा। इससे चारधाम यात्रियों के साथ स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था।
गत वर्ष शासन के निर्देश पर टीएचडीसी ने इसके ट्रीटमेंट की डीपीआर तैयार की थी। उसके बाद एनएच विभाग की ओर से इस पर करीब नौ करोड़ की लागत से ट्रीटमेंट कार्य शुरू कर दिया था। वहीं अब कार्यदायी संस्था की ओर से चारधाम यात्रा को देखते हुए 15 अप्रैल तक इसके मरम्मतीकरण कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
साइड इंचार्ज शशि शेखर ने बताया कि 15 अप्रैल से पहले रॉक बॉल्ट और जालियों के माध्यम से इसके मुख्य भूस्खलन जोन का ट्रीटमेंट पूरा कर दिया जाएगा। इससे चारधाम यात्रा में यमुनोत्री और गंगोत्री हाईवे पर आवाजाही में यात्रियों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।