चमियाला-लंबगांव मोटर मार्ग पर चंगोरा के पास हुई वाहन दुर्घटना में घायलों को रेफर करने में भारी अव्यवस्था सामने आई। डेढ़ घंटे इंतजार के बाद एयर एंबुलेंस (हेलीकॉप्टर) जब हेलीपैड पर लैंड नहीं कर पाई, तो घायलों को तीन घंटे के इंतजार के बाद 108 सेवा से ही जौलीग्रांट रवाना किया गया।
भिलंगना ब्लॉक में शनिवार को चंगोरा के पास यात्रियों का वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। दुर्घटना की जानकारी होने पर स्थानीय लोगों ने घायलों को खाई से निकालकर निजी वाहनों और 108 सेवा से दो बजे सीएचसी बेलेश्वर अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर घायल सुधाकर मोरारे और पूना देवी को हायर सेंटर रेफर किया जाना था।
प्रशासन की ओर से एयर एंबुलेंस (हेलीकॉप्टर) बुलाई गई, जिससे घायलों को डेढ़ घंटे तक अस्पताल के गेट पर इंतजार करना पड़ा। इंतजार के बाद जब एयर एंबुलेंस पहुंची, तो वह लैंड नहीं कर पाई। इससे घायलों को 12 किमी दूर हेलीपैड के नजदीक से कोटीकालोनी हेलीपैड भेजने का निर्णय लिया गया, लेकिन शाम होने के कारण घायलों को 108 सेवा से जौलीग्रांट के लिए रवाना किया गया। एसडीएम चतर सिंह ने बताया कि एयर एंबुलेंस की लैंडिंग नहीं होने से घायलों को सड़क मार्ग से ही हायर सेंटर पहुंचाया जा रहा है।
आपदा प्रबंधन फिर हुआ फेल
चमियाल-लंबगांव मोटर मार्ग पर हुई वाहन दुर्घटना में घायलों को रेस्क्यू करने में आपदा प्रबंधन पूरी तरह से विफल साबित हुआ। घायलों को निकालने के लिए 108 सेवा में एक ही स्ट्रेचर होने से ग्रामीणों ने किसी तरह घायलों को सड़क तक पहुंचाया।
राहत एवं बचाव कार्य के लिए आपदा प्रबंधन टीम 25 किमी दूर दुर्घटना स्थल पर डेढ़ घंटे बाद पहुंची। तब तक स्थानीय लोगों ने सभी घायलों को खाई से निकालकर अस्पताल पहुंचा दिया था।