माघ मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या जागर गायिका बसंती बिष्ट के नाम रही। उन्होंने शिव स्तुति से जागर की शुरूआत की। इसके बाद पारंपरिक विधाओं वाले पहाड़ी देवी देवताओं के जागर सुनाकर मेला पांडाल में मौजूद दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।
शनिवार को उत्तरायणी पर्व पर शुरू हुए माघ मेले का शुभारंभ स्थानीय देव डोलियों के सानिध्य में हुआ। इसके बाद पांडाल में विभिन्न कार्यक्रमों की शुरूआत हुई। शनिवार को माघ मेले की पहली संध्या पर उत्तराखंड की प्रसिद्ध जागर गायिका बसंती बिष्ट ने पहाड़ की पारंपरिक विधा वाले जागरों को गाकर दर्शकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
रविवार को दूसरे दिन माघ मेला मंच पर कोटियाल गांव महिला मंगल दल की महिलाओं ने पारंपरिक अंदाज में रासौ नृत्य किया। ढोल नगाड़ों की थाप पर महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में रासौ नृत्य शुरू किया, जिसे देखने के लिए मेला पांडाल में दर्शक जमा हो गए।
इसके बाद शेरूलाल भराणगांव के कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। देर शाम डुंडा ब्लाक की सांस्कृतिक टीम के कलाकारों ने मंच पर शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोहा।