उत्तरकाशी। देवभूमि ढोल सागर कलामंच बाजगी समुदाय ने मंदिरों में ढोल, नगाड़े और रणसिंगा बजाने के लिए बाजगी परिवारों को पीआरडी के माध्यम से नियुक्ति देने और प्रतिमाह मानदेय देने की मांग की है। साथ ही 60 वर्ष की आयु पूरी कर चुके बाजगी परिवारों के मुखियाओं को पेंशन देने की मांग उठाई। मांगें पूरी न होने पर 15 दिसंबर से रामलीला मैदान में अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी।
कला मंच के जिलाध्यक्ष भग्यान दास ने कहा कि धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों में बाजगी समुदाय पारंपरिक वाद्ययंत्रों के माध्यम से महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। साथ ही उत्तराखंड आंदोलन में भी समुदाय के लोगों ने सक्रिय भागीदारी की थी। इसके बावजूद बाजगी परिवारों के हितों के लिए ठोस पहल नहीं की जा रही है।
उन्होंने प्रदेश और जिले में 60 वर्ष की आयु पूरी कर चुके बाजगी परिवारों के मुखियाओं को पेंशन देने, विधवा और 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को भी पेंशन देने की मांग की। वहीं, 60 वर्ष से कम आयु में परिवार के मुखिया की असामयिक मृत्यु होने पर पांच लाख रुपये की सहायता देने की मांग भी रखी। उन्होंने इस संबंध में डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। इस मौके हरिदास, पुलम दास, राजूदास आदि मौजूद रहे। संवाद