आशा कार्यकर्ताओं ने निकाला जुलूस, जिला मुख्यालय में किया प्रदर्शन
- मांगों के संबंध में अनिश्चितकालीन कार्यबहिष्कार शुरू किया
- खुद को सरकारी कर्मचारी घोषित करने व अन्य मागों के लिए किया प्रदर्शन
उत्तरकाशी। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर जिले की आशा कार्यकर्ताओं ने मांगों के संबंध में अनिश्चितकालीन कार्यबहिष्कार शुरू कर दिया है। इसके साथ ही आशाओं ने जिला मुख्यालय में विशाल रैली निकाल प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार पर मांगों की अनदेखी का आरोप लगाया।
शुक्रवार को आशा कार्यकर्ता काली कमली धर्मशाला में एकत्रित हुईं। इसके बाद वहां से नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। जुलूस का नेतृत्व मजदूर नेता महावीर प्रसाद भट्ट ने किया। कलेक्ट्रेट परिसर में आशा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए खुद को सरकारी कर्मचारी घोषित करने और प्रतिमाह न्यूनतम वेतन 27,000 रुपये निर्धारित करने की मांग उठाई। इसके साथ ही पिछले 10 माह से लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान करने की मांग भी प्रमुख रूप से रखी गई। जिला अध्यक्ष रेखा नौटियाल ने कहा कि आशा वर्कर ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार स्वास्थ्य सेवाएं दे रही हैं लेकिन उन्हें समय पर मानदेय नहीं मिल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल सभी आशा कार्यकर्ताओं ने कार्यबहिष्कार का निर्णय लिया है। प्रदर्शन में ररेखा नौटियाल, वीना नेगी, सरिता राणा, अर्चना, विमला, कुसुम भट्ट, आरती समवाल, मंजू बलूनी, कविता, सरिता रावत, कृष्णा, निर्मला, रीना, वीना पंवार, मीना कंडियाल, पुष्पा चौहान, चंद्रकला राणा, पिंगला देवी, सुरजा पोखरियाल सहित बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता शामिल रहीं।