मनरेगा कार्यों में आ रही व्यवहारिक दिक्कतों को लेकर प्रधानों ने ब्लाक एवं जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। प्रधानों ने छह जुलाई से तालाबंदी कर मनरेगा संबंधी कार्य पूरी तरह ठप करा देंगे।
प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष प्रताप रावत के नेतृत्व में प्रधान बुधवार को विकास भवन परिसर में धरने पर बैठे। प्रधानों ने कहा कि मनरेगा कार्यों में रेत बजरी आदि उपखनिज पर 154 रुपये की दर से रॉयल्टी वसूली जा रही है, जबकि सरकारी विभागों में यह महज 110 रुपये है। इसी तरह मनरेगा में सीमेंट का रेट अभी भी 355 रुपये प्रति कट्टा है, जबकि बाजार में 505 रुपये का सीमेंट बैग मिल रहा है। उन्होंने इन दरों को संशोधित करने के साथ ही जिले में मनरेगा जेई के रिक्त पद शीघ्र भरने, सोशल ऑडिट निजी संस्थाओं के बजाय विभागीय कर्मचारियों से कराने और मनरेगा में निर्माण सामग्री की निविदा प्रक्रिया समाप्त करने की मांग की।
धरना देने वालों में धीरेंद्र, श्यालिकराम, राजेश राणा, संजू नेगी, नीलम, सावित्री देवी, धर्मेंद्र भंडारी आदि प्रधान धरने पर बैठे। जबकि पुरोला में अरविंद पंवार, अंकित रावत, गोविंद, नीता नौटियाल, अनीता, प्रवीण व चिन्यालीसौड़ में कोमल राणा, सुरेंद्र पाल, विशन लाल, विशन कोटवाल, धन सिंह पंवार, वीरचंद, सुनैना देवी, रेखा रमोला, जसपाल पोखरियाल आदि शामिल थे।
जौनपुर प्रधान संगठन ने दिया धरना
थत्यूड़ (टिहरी)। जौनपुर ब्लाक प्रधान संगठन ने 10 सूत्री मांग को लेकर यहां ब्लाक कार्यालय में धरना दिया। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से मनरेगा कार्यों में सीमेंट और बजरी के दामों में संशोधन करने, मजदूरों का कार्यदिवस 300 दिन करने, मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी 202 से बढ़ाकर 300 प्रतिदिन करने और प्रधानों का मानदेय बढ़ाने आदि की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है। संगठन ने सीएम को ज्ञापन भी भेजा है। धरना देने वालों में प्रधान संगठन के अध्यक्ष सुंदर सिंह, प्रधान विनीत लेखवार, कमलेंद्र रावत, रीना बंगारी, संगीता रावत, सुभाष, ममता और वंदना आदि शामिल थे।