उत्तरकाशी। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने गंगोत्री और यमुनोत्री यात्रा मार्ग पर स्थित सभी होटल व्यवसायियों, होमस्टे संचालकों और दुकानदारों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि वे केवल क्यूआर कोड युक्त प्लास्टिक बोतलों का ही उपयोग और विक्रय करें। बिना क्यूआर कोड वाली बोतलें मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने कहा कि चारधाम यात्रा अपने चरम पर है और प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु धामों में पहुंच रहे हैं। ऐसे में यात्रा मार्ग और धाम क्षेत्रों में बढ़ते प्लास्टिक कचरे को रोकना बड़ी चुनौती बन गया है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने नेताला से गंगोत्री धाम और बड़कोट के दुबाटा से यमुनोत्री धाम मार्ग पर क्यूआर कोड आधारित डिपॉजिट रिफंड सिस्टम लागू किया है।
इस व्यवस्था के तहत प्रत्येक प्लास्टिक बोतल की ट्रैकिंग की जाएगी और उसे रिसाइक्लिंग के लिए वापस लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिमालयी पर्यावरण और गंगा-यमुना के उद्गम स्थलों की स्वच्छता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। प्रशासन की अधिकृत डीआरएस रिसाइकिल टीम क्षेत्र में लगातार निरीक्षण और जागरूकता अभियान चला रही है। डीएम ने सभी व्यापारियों और स्थानीय लोगों से टीम को पूरा सहयोग देने को कहा है। संवाद