केंद्रीय मंत्री को भेजा ज्ञापन, सड़क बनने से सरल होगी आवाजाही
उत्तरकाशी। गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के बीच यात्रा को अधिक सुगम और समयबद्ध बनाने वाली सड़क परियोजना को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को ज्ञापन सौंपा गया है। उत्तराखंड राज्य औषधीय पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रताप सिंह पंवार ने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप ज्ञानसू साल्ड-ऊपरीकोट से स्यानाचट्टी तक मोटर मार्ग निर्माण को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत परियोजना को स्वीकृति दी जा चुकी है और इसके संबंध में शासनादेश भी जारी हो चुका है लेकिन घोषणा के बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने परियोजना को जनहित, धार्मिक पर्यटन और क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है।
प्रस्तावित योजना के अनुसार वर्तमान में ज्ञानसू से ऊपरीकोट तक लगभग 18 किलोमीटर मोटर मार्ग पहले से मौजूद है। लोनिवि के प्रारंभिक सर्वे में ऊपरीकोट से स्यानाचट्टी तक मात्र 3 किलोमीटर सुरंग और 8 किलोमीटर सड़क निर्माण की आवश्यकता बताई गई है। इस प्रकार केवल 11 किलोमीटर नए मार्ग के निर्माण से दोनों क्षेत्रों के बीच सीधा संपर्क स्थापित हो सकता है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि वर्तमान में गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग के माध्यम से लगभग 228 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है। प्रस्तावित मार्ग बनने के बाद यह दूरी घटकर करीब 148 किलोमीटर रह जाएगी। इससे लगभग 80 किलोमीटर दूरी और करीब चार घंटे यात्रा समय की बचत होगी। पंवार ने कहा कि मार्ग केवल दो प्रमुख धामों को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग नहीं होगा बल्कि क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास की नई संभावनाएं भी खोलेगा। इससे लाखों श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को लाभ मिलेगा।