उत्तरकाशी। आपदा में बदहाल यमुनोत्री और गंगोत्री हाईवे समेत अन्य सड़कों को शीघ्र दुरुस्त कराने तथा भूस्खलन से खतरे की जद में आई आबादी को सुरक्षित करने की मांग को लेकर जनसंगठनों का साझा मंच का धरने पर डटा रहा। विभिन्न संगठनों ने तीन अक्तूबर के उत्तरकाशी बंद को सफल बनाने की अपील की।
धरना स्थल पर हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि प्रशासन यमुनोत्री और गंगोत्री हाईवे पर गाड़ियां पास कराकर यात्रा शुरू कराने के दावे कर रहा है, लेकिन सड़कों पर आवाजाही सुरक्षित नहीं है। इन मुद्दों को लेकर तीन अक्तूबर को आहूत उत्तरकाशी संपूर्ण बंद की तैयारियों पर चर्चा की गई। व्यापार मंडल, मिनी व्यापार मंडल, टैक्सी यूनियन और बस रोटेशन यातायात आदि संगठनों ने बंद को समर्थन दिया। नगर पालिकाध्यक्ष जयेंद्री राणा ने सभी सभासदों के साथ धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने सिंचाई विभाग एवं जल विद्युत निगम के अधिकारियों से बाढ़ सुरक्षा कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। 37वें दिन धरने पर हरी सिंह राणा, मूर्तिराम जोशी, लोकेंद्र बिष्ट, शैलेंद्र मटूड़ा, विशंभर भंडारी, ज्ञानचंद रमोला, रामचंद्र उनियाल, मस्तराम कोठारी और नवीन पैन्यूली आदि बैठे।