उत्तरकाशी। सड़क संपर्क से अलग-थलग पड़े गंगोत्री तीर्थधाम में ईधन तथा रसद आपूर्ति ठप होने से कई साधु संत तथा मजदूर भुखमरी की कगार पर पहुंचने लगे हैं। साधु सभा ने प्रशासन से कहा है कि हमें भिक्षा के रूप में नहीं बल्कि वाजिब कीमत में राशन उपलब्ध कराए, ताकि यहां गुफाओं में रह रहे साधनहीन साधु-संत तथा मजदूर लोगों का जीवन बचाया जा सके।
गंगोत्री में 80 साधु संतों सहित आश्रम, धर्मशालाओं के चौकीदार, मजदूर तथा सरकारी व गैर सरकारी कर्मचारियों सहित करीब 200 लोग रह रहे हैं। यहां जून से परमिट का राशन नहीं बंटा। मई में कपाट खुलने के बाद एक ही बार मिट्टी तेल का 30 प्रतिशत कोटा बांटा गया। सड़क संपर्क कटने से गंगोत्री में अब व्यापारी भी दुकान बंद कर अपने घरों की ओर निकल गए हैं। हर्षिल बाजार में भी जरूरी सामान उपलब्ध नहीं है। आधी गंगोत्री में पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं हो रहा है। साधु सभा के सचिव अनिल स्वरूप ब्रह्मचारी सहित कई साधु संतों ने सभा कर पुलिस चौकी के वायरलेस और ज्ञापन के माध्यम से डीएम को गंगोत्री के हालात से अवगत कराया। साधु संतों ने कहा कि जब डीएम व क्षेत्रीय विधायक शुक्रवार को हेलीकॉप्टर से गंगोत्री आए तो यहां इसी माध्यम से राशन क्यों नहीं भेजा गया। गंगोत्री से दो दिन का पैदल सफर तय कर उत्तरकाशी पहुंचे स्वामी राजाराम दास ने भी डीएम को ज्ञापन सौंपकर गंगोत्री में रसद, ईंधन व पीने के पानी की व्यवस्था करने की मांग की।
झाला गोदाम से गंगोत्री के राशन डीलर को 10.5 कुंतल चावल जारी किया गया है। मातली हेलीपेड पर मिट्टी तेल के 14 केन हेलीकॉप्टर से गंगोत्री भिजवाने के लिए रखे हुए हैं। गंगोत्री के लिए खाद्यान्न आदि हर्षिल हेलीपेड पर उतारकर वहां से गंगोत्री पहुंचाया जाना है।
केएस.बिष्ट, जिलापूर्ति अधिकारी उत्तरकाशी।