उत्तरकाशी। सेना के जवानों तथा स्थानीय लोगों ने श्रमदान कर पावर चैनल में जमी बर्फ हटाकर हर्षिल लघु जल विद्युत परियोजना में उत्पादन बहाल कर दिया। किया। सेना के इंजीनियरों ने बीएसएनएल के ठप पड़े मोबाइल टावर और टेलीफोन एक्सचेंज को भी शुरू कर लिया है। अब सेना के जवान झाला जसपुर में गंगोत्री हाईवे से बर्फ हटाने में जुटे हैं।
17 दिसंबर को भारी बर्फबारी में हर्षिल लघु जल विद्युत परियोजना की पावर चैनल में पानी जमने से उत्पादन ठप हो गया था। जिससे सेना की छावनी के साथ ही हर्षिल, धराली और मुखबा गांव में अंधेरा छा गया था। इधर ग्रिड की लाइन में खराबी आने से सुक्की, झाला, जसपुर और पुराली गांव में पांच दिनों से अंधेरा है।
सोमवार को टायरों पर चेन लगाकर सेना के वाहन 50 जवानों को लेकर जसपुर झाला तक पहुंचे। लेकिन यहां तीन फिट तक बर्फ जमा होने से अभी यातायात बहाल नहीं हो पाया है। सुक्की कैंप में खड़ा रहने वाला बीआरओ का डोजर भी सुक्की के आसपास ही बर्फ हटा पाया है। गंगनानी डीएम स्लाइड में बर्फ से जोखिम भरी सड़क पर कोई गाड़ी पास कराने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। सुक्की डिपो से सेना की हर्षिल छावनी तक की सप्लाई चेन अभी भी बाधित है।
इनसेट
रसद का एडवांस कोटा भी नहीं मिला
उत्तरकाशी। बर्फ से घिरे उपला टकनौर के आठ गांवों के केंद्र हर्षिल में तीन माह का एडवांस रसद कोटा नहीं पहुंचा। जिससे लोग झाला गोदाम से राशन की कालाबाजारी की आशंका जता रहे हैं। उनका कहना है कि हर वर्ष बर्फबारी से पहले ही दिसंबर में मार्च तक की रसद एडवांस पहुंचती थी। पूर्ति विभाग दावा कर रहा है कि वह अंत्योदय और बीपीएल का एडवांस कोटा दे चुका है। एपीएल के राशन में कुछ कमी पड़ने से कुछ लोगाें को फरवरी तक की राशन दी गई है।