ओढ़ गांव के जूनियर हाईस्कूल में 55 छात्र-छात्राओं की शिक्षा दीक्षा महज एक शिक्षिका के भरोसे है। शिक्षण के साथ ही प्रशासनिक कार्यों की दोहरी जिम्मेदारी के चलते विद्यालय में पढ़ाई चौपट हो गई है। ग्रामीणों ने शीघ्र यहां शिक्षकों की तैनाती नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
ओढ़ गांव की प्रधान रोशनी देवी ने बताया कि गांव के जूनियर हाईस्कूल में 55 छात्र-छात्राएं हैं। इन्हें पढ़ाने के लिए पूर्व में यहां दो शिक्षक तैनात थे, लेकिन चार माह पूर्व एक शिक्षक सेवानिवृत्त होने के बाद से इन बच्चों की पढ़ाई लिखाई का जिम्मा इकलौती शिक्षिका पर है। इसके साथ ही उन्हें प्रशासनिक कार्य भी संभालने होते हैं। ग्रामीणों ने पूर्व में भी यहां शिक्षकों की तैनाती की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में अपने बच्चों का भविष्य अंधकारमय होने से चिंतित ग्रामीणों ने जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन प्रेषित कर शीघ्र अन्य विषयों के शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की है। साथ ही शीघ्र शिक्षकों की तैनाती नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है। ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने वालों में ग्राम प्रधान के साथ ही कमला देवी, सुनीता देवी, सुमनलता, घनश्याम, सुशील, सुमन दास, बचन दास आदि ग्रामीण शामिल हैं। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी जितेंद्र सक्सेना ने बताया कि इस विद्यालय का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने समायोजन की प्रक्रिया पूरी होते ही अगस्त प्रथम सप्ताह में विद्यालय में शिक्षकों की व्यवस्था करने का भरोसा दिलाया।