पुरोला (उत्तरकाशी)। बीते दिनों मोरी प्रखंड के सुदूरवर्ती जंगल में वज्रपात से रेक्चा गांव की एक महिला की मौत और चार ग्रामीणों के घायल होने का मामला संदेह के घेरे में है। एसडीएम ने मामले में जांच के आदेश देते हुए तहसीलदार से तीन दिन के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
बीते बुधवार को रेक्चा गांव के ग्रामीण वन देवियों की पूजा के लिए लिवाड़ी गांव से करीब 15 किमी दूर ताटका के जंगल में गए हुए थे। बृहस्पतिवार को वहां से चार घायलों को लेकर मोरी अस्पताल पहुंचे ग्रामीणों ने वहां वज्रपात होने की सूचना दी। साथ ही हादसे में रेक्चा गांव निवासी गीता देवी (35) पत्नी दफ्तर सिंह की मौत होना बताया। हादसे में घायल रेक्चा गांव के ही रामलाल, ज्ञान सिंह, चंदन सिंह एवं रणदेई को मोरी अस्पताल में भर्ती कराया गया। मृतका का पोस्टमार्टम एवं पंचनामा कराने के लिए प्रशासन ने शुक्रवार सुबह ही टीम को रवाना कर दिया था, लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने मृतका का दाह संस्कार दिया। एसडीएम अनुराग आर्य ने कहा कि आपदा के मामले में बगैर पंचनामा एवं पोस्टमार्टम कराए दाह संस्कार किए जाने से संदेह पैदा हो रहा है। उन्होंने तहसीलदार बीआर सरियाल को मामले की जांच के आदेश दिए हैं। चारों घायलों को हायर सेंटर रेफर किया गया है।