बड़कोट (उत्तरकाशी)। यमुनोत्री धाम के प्रति शासन प्रशासन का उपेक्षित रवैया बरकरार है। तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए गेल की मदद से धाम में यमुना नदी के दाहिने छोर पर सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराया गया है, लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए यात्री जान जोखिम में डालकर यमुना नदी को पार करने के लिए मजबूर हैं। ऐसे में यहां हादसे की आशंका बनी है। इस अव्यवस्था पर तीर्थ पुरोहितों और स्थानीय लोगों ने रोष जताया है।
यमुनोत्री के तीर्थ पुरोहित मनमोहन उनियाल, आशीष उनियाल, प्रदीप उनियाल, रणवीर राणा, राकेश रावत आदि का कहना है कि यमुना नदी पार करने के कोई पुल नहीं बना है। फिलहाल इस हिस्से में यमुना नदी पर लकड़ी और टीन की चादरें बिछाकर अस्थायी रास्ता तैयार किया गया है जिसे पार करना बेहद जोखिम भरा है। यहां यात्रियों की सुरक्षा के लिए पुलिस की व्यवस्था भी नहीं की गई है। ऐसे में बड़ी संख्या में लोग एकसाथ इस अस्थायी पुलिया पर आवाजाही कर रहे हैं, जिससे यहां हादसे की आशंका बनी है। यदि यहां शीघ्र सुरक्षित आवाजाही के इंतजाम नहीं किए गए तो बड़े हादसे की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से यहां शीघ्र पुल का निर्माण कराने की मांग की है।