उत्तरकाशी। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से हो रहे पलायन को लेकर मंगलवार को डीएम डॉ. आशीष चौहान ने बैठक की, जिसमें उन्होंने अधिकारियों से पलायन के कारणों की पड़ताल कर इसे रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने के दिशा निर्देश दिए। इसके लिए जिले में 19 गांव चिह्नित किए।
आपदा प्रबंधन सभागार में हुई बैठक में डीएम ने कहा कि जनपद के कई गांवों में पलायन का प्रभाव दिख रहा है। जो ग्रामीण क्षेत्रों की संस्कृति व विकास के लिए खतरा है। ऐसे में जरूरी है कि सभी विभाग आपसी तालमेल बनाकर हालात को सुधारने का प्रयास करें। इस दौरान उन्होंने भटवाड़ी में साल्ड, ज्ञाणजा, बसूंगा एवं निसमोर, डुंडा के नैपड़, न्यूगांव एवं न्यूसारी, चिन्यालीसौड़ में तराकोट, सूरी एवं दारगढ़, नौगांव में ठोलिंका, बजलाड़ी व धारी पल्ली, पुरोला में स्यालुका, रॉन व डोकरियाणी, मोरी में लिवाड़ी, रेक्चा व तियां आदि गांवों को चिह्नित कर वहां सर्वे करने के बाद पायलट प्रोजेक्ट चलाने के निर्देश दिए। इसके तहत उन्होंने सीडीओ प्रशांत आर्य व संयुक्त मजिस्ट्रेट नमामि बंसल को टीम गठित करने को कहा। उन्होंने टीम के जरिए गांवों में मौजूद स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा, विद्युत, पेयजल, कृषि, रोजगार आदि बुनियादी संसाधनों का निरीक्षण करने को कहा। बैठक में एसडीएम आकाश जोशी, डिप्टी सीएमओ डॉ. सुजाता सिंह, मुख्य शिक्षाधिकारी आरसी आर्य, मुख्य कृषि अधिकारी महिधर सिंह तोमर, स्वजल प्रबंधक लोकेंद्र चौहान आदि मौजूद रहे।