उत्तरकाशी। संत निरंकारी मिशन के तहत बड़ेथी उत्तरकाशी स्थित सत्संग भवन में महिला संत समागम का आयोजन किया गया। इसमें देहरादून से आयी मिशन की मुखी एवं ज्ञान प्रचारक पुष्पा बिष्ट ने सतगुरु माता सुदीक्षा के सत्य के संदेश महात्माओं में प्रसारित किए। उन्होंने जाति एवं धर्म के नाम पर समाज में व्याप्त अलगाव को दूर करने के लिए परमात्मा एक है की अवधारणा पर जोर दिया। युवा महात्माओं ने लघु नाटिका के माध्यम से सभी धर्मों के भगवान एक होने का संदेश दिया।
संत निरंकारी मिशन की ओर से समय-समय पर संत समागम का आयोजन कर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। ज्ञान प्रचारक पुष्पा बिष्ट ने कहा कि अपने पति, बच्चों और परिवार को धर्म के मार्ग पर लेकर चलने के कारण ही पत्नी को धर्मपत्नी का दर्जा दिया जाता है।
देहरादून से आयी प्रचारक महात्मा गीता भंडारी ने धर्म शास्त्रों के अनुसार मानव कल्याण एवं महिला उत्थान की बात कही। समागम के दौरान युवा महात्माओं ने लघु नाटिका के माध्यम से सभी धर्मों के ईश्वर एक ही परमात्मा होने का संदेश दिया। समागम में उत्तरकाशी जनपद की भटवाड़ी, धनारी, चिन्यालीसौड़, बड़कोट, पुरोला, डुंडा एवं हीना ब्रांच से सैकड़ों की संख्या में महात्मा पहुंचे। समापन पर लंगर का आयोजन किया गया। आयोजन में मिशन के जिला संयोजक खिलानंद जोशी, जिले की सभी सातों ब्रांचों के मुखी एवं संगत के साथ ही सेवादल के शिक्षक राकेश जोगेला, सहसंचालिका लक्ष्मी कोहली, केंद्रीय ज्ञान प्रचारक राकेश बिजल्वाण, विवेकानंद नौटियाल आदि तमाम लोगों ने विशेष सहयोग दिया।