उत्तरकाशी। जनपद में तापमान बढ़ने के साथ ही जलागम क्षेत्र में नई बर्फ पिघलने से गंगा भागीरथी में पानी बढ़ने लग गया है। मनेरी भाली प्रथम चरण परियोजना के तिलोथ विद्युत गृह में उत्पादन पर लगी दो टरबाइनों की जरूरत से ज्यादा पानी आने पर रविवार को मनेरी बैराज के गेट खोलकर पानी छोड़ना पड़ा। साथ ही स्टेज टू परियोजना के धरासू विद्युतगृह में भी सिर्फ एक टरबाइन ही उत्पादन पर लगी होने के कारण जोशियाड़ा बैराज से भी पानी छोड़ा जा रहा है।
मार्च अंत में जहां गंगा भागीरथी में 50 क्यूमेक्स पानी था, वहीं अब 80 से 85 क्यूमेक्स पानी बह रहा है। आजकल 90 मेगावाट की मनेरी भाली प्रथम चरण परियोजना के तिलोथ विद्युत गृह में एक टरबाइन को बदलने का काम चलने के कारण दो मशीनें ही उत्पादन पर लगी हैं। इन मशीनों से जरूरत से ज्यादा पानी गंगा भागीरथी में आने पर रविवार सुबह मनेरी बैराज के गेट खोलकर पानी छोड़ना पड़ा, जबकि 304 मेगावाट की मनेरी भाली स्टेज टू परियोजना में भी 76-76 मेगावाट की दो टरबाइनें अनुरक्षण पर होने और रविवार को तीसरी टरबाइन को मरम्मत के लिए खोले जाने से यहां भी सिर्फ एक टरबाइन से ही उत्पादन हो रहा है।
धरासू पावर हाउस में 76 मेगावाट की एक टरबाइन केे लिए 35.5 क्यूमेक्स पानी की जरूरत होने के कारण गंगा भागीरथी में आ रहे पानी को जोशियाड़ा बैराज के गेट खोलकर छोड़ना पड़ रहा है। जोशियाड़ा बैराज पर तैनात एई उदय गुप्ता ने स्वीकारा कि गर्मी के साथ गंगा भागीरथी में पानी बढ़ने लगा है। रविवार को मनेरी बैराज से पानी छोड़ने और धरासू विद्युत गृह में एक टरबाइन को मरम्मत पर डालने के कारण अतिरिक्त पानी को बैराज से छोड़ा गया। पानी छोड़ने से पहले जोशियाड़ा से धरासू के बीच लोगों को सतर्क रहने के लिए सायरन बनाकर अलर्ट किया गया। उन्होंने कहा कि जल्द ही मशीनें उत्पादन के लिए तैयार होने पर गंगा भागीरथी में आ रहे अधिक पानी को विद्युत उत्पादन के प्रयोग में लाया जाएगा।