बड़कोट (उत्तरकाशी)। यमुनोत्री धाम के कपाट सात मई को अक्षय तृतीया पर सवा एक बजे श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। मां यमुना के शीतकालीन प्रवास स्थल खरसाली गांव में बृहस्पतिवार को चैत्र शुक्ल षष्टी पर तीर्थ पुरोहितों द्वारा कपाटोद्घाटन का मुहूर्त निकाला गया। इस मौके पर यमुना जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। यमुना मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना एवं अनुष्ठान के साथ ही गांव में भव्य शोभायात्रा भी निकाली गई।
मां यमुना के शीतकालीन प्रवास एवं यमुनोत्री तीर्थ पुरोहितों के गांव खरसाली में बृहस्पतिवार को लोकतंत्र के महापर्व के साथ ही यमुना जयंती भी धूमधाम के साथ मनाई गई। तीर्थ पुरोहित कृतेश्वर उनियाल ने बताया कि चैत्र शुक्ल षष्टी के दिन ही मां यमुना का जन्म हुआ था। इस मौके पर खरसाली स्थित मां यमुना के मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। इसके बाद गांव में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा के साथ यमुना नदी के तट पर पहुंचे श्रद्धालुओं ने यमुना नदी में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। कहा जाता है कि यमुना जल के स्नान से श्रद्धालुओं को यम (मृत्यु) के भय से मुक्ति मिलती है।
यमुनोत्री मंदिर समिति के उपाध्यक्ष जगमोहन उनियाल, सचिव कृतेश्वर उनियाल एवं प्रवक्ता बागेश्वर उनियाल ने बताया कि आगामी सात मई को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर रोहिणी नक्षत्र की अमृत बेला सिद्धि योग में दोपहर सवा एक बजे यमुनोत्री मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसी दिन सुबह आठ बजे मां यमुना की उत्सव मूर्ति डोली यात्रा के साथ यमुना के भाई शनि महाराज की अगुवाई में खरसाली से यमुनोत्री धाम के लिए रवाना होगी और दोपहर सवा एक बजे विधि विधान के साथ यमुनोत्री धाम के कपाट खोले जाएंगे। इस मौके पर यमुनोत्री विधायक केदार सिंह रावत तथा प्रदीप, विपिन, कुलदीप, अरविंद, मनमोहन, चंडी प्रसाद, श्यामसुंदर, प्यारेलाल, पुरुषोत्तम, वेदप्रकाश, प्रभाकर, नितिन आदि मौजूद रहे।