उत्तरकाशी। तांबाखानी सुरंग के बाहरी हिस्से में कचरा डंपिंग जोन बनाए जाने का विरोध तेज होता जा रहा है। स्थानीय लोगों ने डीएम एवं पालिकाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर यहां उड़ेला गया कचरा शीघ्र हटवाने व सुरंग के बाहरी हिस्से में सुरक्षित आवाजाही के इंतजाम करने की मांग की है। उन्होंने त्वरित कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
शनिवार को डीएम और पालिकाध्यक्ष से मिलने पहुंचे तांबाखानी क्षेत्र के लोगों ने सुरंग के बाहरी हिस्से में कचरा डंपिंग जोन बनाने और आवाजाही का मार्ग बंद किए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सुरंग के बाहरी हिस्से में उड़ेले जा रहे कूड़े से उठती दुर्गंध और कीड़े-मकोड़ों के प्रकोप से क्षेत्र में रहना मुश्किल हो गया है। कचरे से उठती दुर्गंध के चलते सुरंग के भीतर भी दम घुट रहा है। उन्होंने कहा कि वरुणावत शीर्ष से पत्थर गिरने का भय दिखाकर बाहरी हिस्से से आवाजाही बंद करने की बात कही जा रही है, जबकि पूर्व में शीर्ष पर हुए ट्रीटमेंट कार्य के दौरान इस हिस्से में पैदल आवाजाही के साथ ही यातायात भी चालू रहा था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि तांबाखानी सुरंग के भीतर से गुजर रही सड़क गंगोत्री हाईवे नहीं, बल्कि उसका विकल्प मात्र है। पालिका प्रशासन कायदे कानूनों को ताक पर रखकर गंगा भागीरथी से सटे हाईवे को कचरा डंपिंग में तब्दील करने की साजिश कर रही है। यदि शीघ्र यहां उड़ेला गया कूड़ा हटाकर सुरक्षित आवाजाही के इंतजाम नहीं किए गए, तो वे आंदोलन करने के साथ ही न्यायालय की शरण में जाने को मजबूर होंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश संयोजक बीएल घलवान, सुंदरलाल, गजेंद्र अरोड़ा, राजेश कुमार, प्रमोद रावत, चंद्रा देवी, शकुंतला देवी, माया देवी, राजबाला आदि शामिल रहे।