पुरोला (उत्तरकाशी)। शिक्षा की बेहतरी को लेकर किए जा रहे तमाम दावों के बीच सुदूरवर्ती राजकीय इंटर कालेज टिकोची आज भी जर्जर भवन में संचालित हो रहा है। मोरी ब्लॉक के आराकोट न्याय पंचायत के 14 गांवों के बीच इस इकलौते इंटर कालेज के भवन निर्माण को लेकर सालों से मांग की जा रही है, लेकिन शिक्षा विभाग एवं सरकार द्वारा आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
हिमाचल प्रदेश की सीमा से लगे कोठीगाड पट्टी के मौंडा, बलावट, झोटाड़ी, गोकुल, बरनाली सहित 14 गांवों के बीच वर्ष 1998 में उच्चीकृत कर इंटर कालेज खोला गया था, जिसके बाद से 200 से अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालय के नए भवन निर्माण की मांग की जा रही है। इसके लिए बाकायदा शिक्षा समिति की ओर से प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया, लेकिन शिक्षा विभाग व सरकार ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। विद्यालय भवन जर्जर हालत में है। यहां छात्र-छात्राओं के लिए फर्नीचर तो दूर ब्लैक बोर्ड, टाट पट्टी आदि बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। प्रभारी प्रधानाचार्य एमएस चौहान ने बताया कि इंटर कालेज के नाम पर पुराने जर्जर भवन के अलावा तीन अतिरिक्त कक्षा कक्ष है, जिनमें एक कक्ष में कार्यालय संचालित किया जा रहा है। भवन निर्माण को लेकर विद्यालय शिक्षा समिति द्वारा शासन प्रशासन को प्रस्ताव दिया गया है, लेकिन नए भवन के निर्माण को लेकर अभी तक धन स्वीकृत नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि जर्जर भवन में कक्षाएं संचालित होने के कारण हर समय हादसे का डर बना रहता है।