चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी)। सरकारी स्कूलों के प्रति शिक्षा विभाग का उपेक्षित रवैया छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ साबित हो रहा है। दिचली गांव स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में कक्षा छह से आठवीं तक के कुल 80 छात्र-छात्राओं की शिक्षा दीक्षा महज एक शिक्षक के भरोसे छोड़ी गई है। अभिभावकों ने विधायक को पत्र भेजकर शिक्षकों की तैनाती की मांग की है।
जूनियर हाईस्कूल दिचली में एक साल पहले तक तीन शिक्षक तैनात थे। इनमें से एक शिक्षक के सेवानिवृत्त होने और दूसरे का प्रमोशन के साथ स्थानांतरण होने के बाद यहां सिर्फ एक शिक्षक रह गया है। यहां कक्षा छह से आठ तक कुल 80 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। प्रधान विक्रम लाल ने बताया कि विद्यालय में अधिकांश बच्चे अनुसूचित जाति के हैं। अभिभावकों का कहना है कि इस साल तो जैसे तैसे पढ़ कर बच्चे वार्षिक परीक्षा दे रहे हैं, लेकिन यदि अगले शिक्षा सत्र में यहां मानकों के अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई तो वे विद्यालय में तालाबंदी की जाएगी। उपखंड शिक्षा अधिकारी अनीता द्विवेदी ने विद्यालय में शिक्षकों की कमी स्वीकारते हुए बताया कि नजदीकी बनकोट विद्यालय से दिचली में एक शिक्षक को व्यवस्था पर भेजा गया है। स्थायी शिक्षकों की तैनाती जिलास्तर से ही होगी। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।