उत्तरकाशी। महिडांडा में चल रहे आईटीबीपी के काउंटर इंसर्जेंसी जंगल वार फेयर स्कूल (सीआईजेडब्ल्यू) को बेलगाम कर्नाटक शिफ्ट करने की तैयारी है। दस साल से यहां चल रहे केंद्र सरकार के इस प्रतिष्ठित संस्थान को बंद किए जाने से लोगों को मिल रहा अप्रत्यक्ष रोजगार छिन जाएगा। संस्थान को शिफ्ट करने के पीछे यहां नक्सल प्रभावित क्षेत्रों जैसी स्थितियां नहीं होना बताया जा रहा है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नक्सलियों से निपटने के लिए आईटीबीपी समेत अन्य पुलिस एवं अर्द्धसैनिक बलों के जवानों को प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से सितंबर 2008 में महिडांडा में आईटीबीपी का सीआईजेडब्ल्यू स्कूल खोला गया था। बीते दस सालों में यहां हजारों जवानों को कठोर प्रशिक्षण देकर नक्सली हमलों से निपटने के गुर सिखाए गए। हालांकि पहाड़ी इलाके में छत्तीसगढ़ आदि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों जैसी भौगोलिक स्थितियां एवं वातावरण नहीं होने के कारण संस्थान को यहां से शिफ्ट करने की तैयारी वर्ष 2014 में भी हुई थी, लेकिन सूत्रों के अनुसार तब बेलगाम कर्नाटक में जरूरी संसाधन एवं सुविधाएं नहीं होने के कारण यह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया था।
अब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने फिर से सीआईजेडब्ल्यू स्कूल को महिडांडा से शिफ्ट कर एक अप्रैल 2019 से बेलगाम कर्नाटक में शुरू करने के आदेश दिए हैं। संस्थान की एडवांस पार्टी यहां से रवाना हो चुकी है और मार्च अंत तक संस्थान को बेलगाम शिफ्ट करने की तैयारी अंतिम चरणों में है। स्थानीय हित के लिहाज से देखें तो संस्थान में प्रशिक्षण के लिए तैनात 208 अधिकारी एवं जवानों के साथ ही साल भर प्रशिक्षण के दौरान बड़ी संख्या में देश के विभिन्न हिस्सों से जवान पहुंचते थे। संस्थान में भले ही लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार न मिला हो, लेकिन सब्जी, दूध, मीट आदि जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति से अप्रत्यक्ष रोजगार के साथ ही निकटवर्ती पाटा, संग्राली, बग्यालगांव आदि गांवों को सुविधाएं मिलती रही हैं। ऐसे में इस प्रतिष्ठित संस्थान को अन्यत्र शिफ्ट किए जाने से स्थानीय हित प्रभावित होने तय हैं।
मुख्यालय से संस्थान को बेलगाम शिफ्ट करने के आदेश मिले हैं और शिफ्टिंग की तैयारियां अंतिम चरणों में है। यह देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा मसला है। महिडांडा में प्रशिक्षण की ढांचागत सुविधाओं और संसाधनों को देखते हुए संभवत: यहां जल्द ही आईटीबीपी की नई यूनिट या ट्रेनिंग सेंटर खोला जाएगा।
डीआईजी हरिंदरपाल सिंह, प्रधानाचार्य सीआईजेब्ल्यू स्कूल महिडांडा उत्तरकाशी।