उत्तरकाशी। मुख्यमंत्री दरबार में शिकायत दर्ज कराने के दौरान हुए विवाद के कारण चर्चा में आयी शिक्षिका उत्तरा पंत बहुगुणा ने आखिरकार राजकीय प्राथमिक विद्यालय जेष्टवाड़ी नौगांव में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। करीब दो साल से अनुपस्थित चल रही शिक्षिका को अपने बचे हुए अवकाश के साथ आवेदन प्रस्तुत करने व भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होने की हिदायत के साथ नियुक्ति दी गई है। साथ ही उनकी एक वेतन वृद्धि भी रोकी गई है।
बीते साल देहरादून में मुख्यमंत्री दरबार में अपने स्थानांतरण की दरख्वास्त देने के दौरान हुए विवाद के कारण राजकीय प्राथमिक विद्यालय जेष्टवाड़ी नौगांव की प्रधानाध्यापिका उत्तरा पंत बहुगुणा चर्चाओं में आयी थी। शिक्षिका ने अधिक उम्र और बच्चों की देखभाल का हवाला देते हुए दुर्गम विद्यालय से सुगम में स्थानांतरण की मांग की थी। शिक्षिका एक साल से भी अधिक समय से अपने विद्यालय से अनुपस्थित चल रही थी। तब शिक्षा विभाग ने उन्हें निलंबित कर खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय नौगांव से संबद्ध कर दिया था। शिक्षिका ने यहां भी काम करने में असमर्थता जताते हुए गेंद शिक्षा विभाग के पाले में डाल दी थी। इसके बाद शिक्षा विभाग ने लंबे समय से विद्यालय से अनुपस्थित चल रही शिक्षिका को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने को कहा था।
बीते 11 मार्च को शिक्षा विभाग ने एक वेतनवृद्धि रोककर शिक्षिका को अपने विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करने के आदेश दे दिए। उपखंड शिक्षा अधिकारी नौगांव अमित चौहान ने बताया कि एक वेतनवृद्धि रोकने के साथ ही भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होने की हिदायत के साथ शिक्षिका को नियुक्ति दी गई है। शिक्षिका को अनुपस्थिति के दौरान का वेतन नहीं दिया जाएगा। यदि शिक्षिका अपने बचे हुए अवकाश के साथ आवेदन करती है और यह संतोषजनक पाया जाता है, तभी उन्हें छुट्टियों का वेतन दिया जा सकता है।