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मनेरी भाली परियोजना ने किया खजाना भरना शुरू

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उत्तरकाशी। नियत समय से डेढ़ माह पूर्व ही वार्षिक उत्पादन लक्ष्य हासिल कर 90 मेगावाट की मनेरी भाली प्रथम चरण परियोजना ने निगम का खजाना भरने की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। परियोजना ने 11 फरवरी को ही केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा निर्धारित 390 मिलियन यूनिट का लक्ष्य हासिल कर लिया है।
वर्ष 1984 में बनकर तैयार हुई मनेरी भाली प्रथम चरण परियोजना निर्माण लागत वसूलने के बाद से निरंतर निगम को मुनाफा कमा कर दे रही है। चालू वित्तीय वर्ष में केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने परियोजना के लिए वार्षिक उत्पादन लक्ष्य 390 मियू निर्धारित किया था। इस वर्ष गर्मी एवं बरसात में गंगा भागीरथी में पर्याप्त पानी की उपलब्धता और निगम के अधिकारी-कर्मचारियों की दक्षता के चलते 11 फरवरी तक ही तिलोथ पावर हाउस में 390.47884 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन कर लिया। आजकल गंगा भागीरथी में पानी कम होने और पावर हाउस में एक टरबाइन मरम्मत के लिए खुली होने के बावजूद रोजाना 0.7 मियू विद्युत उत्पादन हो रहा है। इस स्थिति में 31 मार्च तक परियोजना 420 मेगावाट से ज्यादा विद्युत उत्पादन कर सकती है।
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तिलोथ विद्युत गृह के अधिशासी अभियंता अंबरीश यादव एवं अरविंद गौड़ ने बताया कि इस वर्ष गर्मियों में पर्याप्त पानी वाले सीजन में तिलोथ विद्युतगृह में 30-30 मेगावाट की तीन टरबाइनों से क्षमता से अधिक 91.50 मेगावाट तक उत्पादन लिया गया। बीते साल भी परियोजना ने फरवरी में ही 376 मियू वार्षिक उत्पादन लक्ष्य हासिल किया था। जल विद्युत निगम के उपमहाप्रबंधक सचिन डंगवाल ने अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई दी।
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