उत्तरकाशी। जनपद में बृहस्पतिवार को दो बार भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर कम तीव्रता और अल्प अवधि का होने के कारण भूकंप के झटकों से किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ। लेकिन भूकंप के झटकों से लोग घबरा कर लोग घर-दुकानों से बाहर निकल आए।
बृहस्पतिवार पूर्वाह्न 11.23 बजे जिला मुख्यालय समेत जनपद के विभिन्न हिस्सों में भूकंप का झटका महसूस किया गया। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 2.8 और केंद्र उत्तरकाशी की डुंडा रेंज में जमीन से पांच किमी नीचे दर्ज किया गया। अभी लोग भूकंप पर चर्चा कर ही रहे थे कि 11.58 बजे पर फिर भूकंप का तेज झटका आया, जिससे घबरा कर लोग भागकर अपने घर-दुकानों से बाहर निकले। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.5 व केंद्र डुंडा रेंज में ही जमीन से पांच किमी गहराई पर दर्ज हुआ। चंद सेकेंड के इन भूकंप के झटकों ने लोगों को वर्ष 1991 के प्रलयकारी भूकंप की याद ताजा करा दी।
बता दें कि 20 अक्तूबर 1991 में उत्तरकाशी में आए विनाशकारी भूकंप में भारी तबाही मची थी। तब भूकंप से सैकड़ों मकान जमींदोज होने के साथ ही छह सौ से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। भूकंप के झटके महसूस होते ही डीएम डा. आशीष चौहान ने आपदा कंट्रोल रूम में पहुंचकर कमान संभाली। उन्होंने तत्काल सभी अधिकारियों को अलर्ट करने के साथ ही जिले की विभिन्न तहसीलों से भूकंप में हुए नुकसान का अपडेट लिया। डीएम ने बताया कि जिले में भूकंप से किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है। फिर भी सभी लोगों को अलर्ट रहने को कहा गया है।