पुरोला (उत्तरकाशी)। उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष भूपाल राम आर्य ने तहसील परिसर में शिविर लगाकर अनुसूचित जाति के लोगों की समस्याएं सुनीं। शिविर में दर्ज शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तय समय के भीतर इनका निस्तारण करने और आयोग को रिपोर्ट मुहैया कराने के निर्देश दिए।
शिविर में कुकरेड़ा निवासी मोहन दास ने आरोप लगाया कि वर्ष 2011-12 में इंदिरा आवास योजना से आवास आवंटित किया गया था, लेकिन ग्राम प्रधान चतर सिंह रावत ने खरसाड़ी मिनी बैंक कर्मियों की मिलीभगत से उनकी पत्नी का फर्जी खाता खोलकर योजना की धनराशि को ठिकाने लगा दिया। इस पर आयोग के अध्यक्ष ने एसपी उत्तरकाशी और आयोग के सचिव को संबंधित प्रधान के खिलाफ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। विंगसारी निवासी संगीता और अदोणी के गंगीराम द्वारा आवास की मांग करने पर उन्होंने एसडीएम एवं बीडीओ को कार्रवाई कर आयोग को रिपोर्ट भेजने को कहा। सरनौल के गुलबिया लाल ने बताया कि वर्ष 1975 में उन्हें बूटाधार में जमीन आवंटित हुई थी, लेकिन अभी तक उन्हें पट्टा नहीं दिया गया। ठकराड़ी के गौरीशंकर ने बताया कि उन्होंने शादी अनुदान योजना में बेटी की शादी के लिए आवेदन किया था, लेकिन भुगतान नहीं हुआ।
छाड़ा गांव के राजेंद्र डबराल ने बताया कि एससी वर्ग के छात्रों को कई सालों से छात्रवृत्ति नहीं मिल रही है। आशीष मेंगवाल ने बीडीओ कार्यालय में कार्यरत बीएफटी कर्मियों को मानदेय नहीं मिलने व दिनेश खत्री ने स्पेशल कंपोनेंट प्लान के तहत एससी परिवारों को लाभ नहीं मिलने की शिकायत की। बिहारीलाल शाह ने एससी वर्ग के पात्र लाभार्थियों को आवासीय पट्टा दिलाने की मांग की। इस मौके पर सीडीओ प्रशांत आर्य, एससी आयोग के सलाहकार देव सिंह, मनीष, सपना, एसडीएम अनुराग आर्य, सीईओ आरसी आर्य, जिला पूर्ति अधिकारी गोपाल मटूड़ा, एसएस रावत, प्रकाश चंद, मदनमोहन, प्यारेलाल आदि मौजूद रहे।