उत्तरकाशी। दीपावली पर संग्राली गांव में तीन दिवसीय पांडव नृत्य महोत्सव का आयोजन किया गया। क्षेत्र के आराध्य कंडार देवता के सानिध्य में आयोजित समारोह में ग्रामीणों ने लोक नृत्य व पूजा अर्चना कर क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।
विगत पांच नवंबर को संग्राली गांव में अखंड दीपक जलाकर तीन दिवसीय पांडव नृत्य महोत्सव का शुभारंभ किया गया। वहीं मंगलवार को क्षेत्र के आराध्य कंडार देवता के सान्निध्य में पांडव पश्वों व ग्रामीणों ने लक्षेश्वर स्थित गंगा घाट में जाकर स्नान किया, जिसके बाद देवता की डोली ने गांव के प्रत्येक घर में जाकर लोगों को आशीर्वाद दिया। उधर, बुधवार को दीपावली पर गांव में देव डोली के साथ पांडव पश्वों ने विशेष पूजा अर्चना कर क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। इस दौरान पारंपरिक वेशभूषा में सजे ग्रामीणों ने ढोल दमाऊं की धुन पर रांसो तांदी नृत्य किया। वहीं वरुणावत पर्वत का भ्रमण करने पहुंचे जर्मनी, रूस आदि देशों के पर्यटक भी महोत्सव में शामिल हुए। नगरों की चकाचौंध के विपरीत पहाड़ों के इस पारंपरिक उत्सव से अभिभूत पर्यटकों ने भी ग्रामीणों के साथ मिलकर लोक नृत्य किया और देवता से आशीर्वाद मांगा। इस मौके पर प्रद्युमन नौटियाल, हरीश नौटियाल, सत्यनारायण नौटियाल, जयकिशन भट्ट, परमानंद भट्ट, विजयलाल नैथानी, देवेंद्र चौहान आदि मौजूद रहे।