उत्तरकाशी। कंसैण गांव के निकट कूड़ा डंपिंग जोन बनाने की योजना का ग्रामीणों ने विरोध किया है। ग्रामीणों ने बीमारी व दुर्गंध फैलने का हवाला देते हुए प्रशासन से किसी अन्य स्थान पर डंपिंग जोन बनाने की मांग की है। साथ ही ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
तेखला गदेरे में कूड़ा डंप करने पर हाईकोर्ट के प्रतिबंध के बाद कूड़ा निस्तारण के लिए एक अदद डंपिंग जोन ढूंढना पालिका के लिए गले की हड्डी बन गया है। आदेश के बाद नगर पालिका ने जिओ ग्रिड वॉल के पीछे कूड़ा डंप करने का प्रयास किया, लेकिन आसपास के लोगों व व्यापारियों के विरोध के चलते पालिका को पीछे हटना पड़ा। वहीं अपर गढ़वाल आयुक्त के निर्देश पर प्रशासन ने कंसैण गांव के निकट जल विद्युत निगम की खाली जमीन पर ट्रंचिंग ग्राउंड तैयार करने की योजना बनाई थी, जिसके लिए निकाय चुनावों के बाद भूमि हस्तांतरण एवं टेंडर की तैयारी भी पूरी कर ली गई थी, लेकिन अब कंसैण के ग्रामीणों के विरोध के चलते यह योजना भी खटाई में पड़ती दिख रही है। सोमवार को कलक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने पालिका की योजना पर नाराजगी जताते हुए डीएम को ज्ञापन सौंपा।
कंसैण के ग्राम प्रधान किशोर बिष्ट का कहना है कि ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए चिह्नित भूमि वन पंचायत के अंतर्गत आती है। साथ ही प्रस्तावित जमीन से गंगा भागीरथी नदी की दूरी 100 मीटर से भी कम है। उक्त स्थान के आसपास कई ग्रामीणों के आवास भी हैं। ऐसे में कूड़ा डंप करने से गंगा भागीरथी में प्रदूषण के साथ ही क्षेत्र में बीमारी व दुर्गंध का प्रकोप फैल जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर ग्रामीणों की मांग को दरकिनार कर जबरन यहां कूड़ा डंपिंग जोन बनाया गया, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करेंगे और न्यायालय की शरण में जाएंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में आत्माराम नौटियाल, सुरेंद्र पंवार, जितेंद्र पंवार, भगवान सिंह, खुशहाल सिंह आदि शामिल रहे।