उत्तरकाशी। तीर्थ पुरोहितों के आपसी विवाद के बीच सहमति बनाकर श्री पांच मंदिर समिति गंगोत्री की नई कार्यकारिणी का विधिवत गठन किया गया। इसमें सुरेश सेमवाल अध्यक्ष तथा दीपक सेमवाल सचिव चुने गए। हालांकि थोकों के प्रतिनिधि चयन में उपेक्षित रवैया अपनाए जाने का आरोप लगाते हुए कुछ तीर्थ पुरोहितों ने इसके खिलाफ न्यायालय की शरण में जाने की चेतावनी दी है।
तीन साल बाद गंगोत्री मंदिर समिति की नई कार्यकारिणी के गठन के लिए शुक्रवार को गंगोत्री धाम में तीर्थ पुरोहितों की बैठक आयोजित की गई। बता दें कि गंगोत्री तीर्थ पुरोहितों के पांच थोकों से दो-दो सदस्यों का चयन किया जाता है। फिर ये सदस्य कार्यकारिणी का गठन करते हैं। इस दौरान एक और चार नंबर थोक से प्रतिनिधि चयन के दौरान तीर्थ पुरोहितों में विवाद खड़ा हो गया। बाद में आपसी सहमति से विवाद सुलझा कर नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। तहसीलदार भटवाड़ी वीरेंद्र रावत की मौजूदगी में पांचों थोकों से राकेश सेमवाल, हरीश सेमवाल, अरुण, प्रेमबल्लभ, प्रविंद्र, रवि, सुरेश, अमरीक, संजय एवं संजीव सेमवाल को प्रतिनिधि चुना गया।
इन प्रतिनिधियों ने आपसी सहमति से निवर्तमान सचिव सुरेश सेमवाल को अध्यक्ष तथा पूर्व सचिव दीपक सेमवाल को सचिव चुना। इनके अलावा हरीश सेमवाल संयोजक, अरुण सेमवाल उपाध्यक्ष, राजेश सेमवाल सहसचिव, प्रेमबल्लभ एवं संजय सेमवाल कोषाध्यक्ष, रवि सेमवाल सोना मंत्री, प्रवीण सेमवाल चांदी मंत्री, अमरीक सेमवाल खाद्य मंत्री एवं संजीव सेमवाल सदस्य के तौर पर चुने गए।
तीर्थ पुरोहितों ने जताई नाराजगी
उत्तरकाशी। मंदिर समिति के पूर्व सचिव रमेश सेमवाल, सुधांशू सेमवाल, मुकेश सेमवाल, कुलदीप सेमवाल, परमानंद सेमवाल, अनुज सेमवाल, सुमन सेमवाल आदि तीर्थ पुरोहितों ने थोकों के प्रतिनिधि चयन में कुछ परिवारों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नियमानुसार बारी के आधार पर सभी परिवारों को इसमें मौका मिलना चाहिए, लेकिन कुछ परिवारों को आज तक मौका नहीं दिया गया। उन्होंने इस संबंध में डीएम को पत्र लिखकर निष्पक्ष ढंग से तथा पूर्व की भांति एसडीएम की अध्यक्षता में मंदिर समिति का गठन कराने की मांग की। उन्होंने इस मामले को लेकर न्यायालय की शरण में जाने की चेतावनी दी। ब्यूरो