उत्तरकाशी। सभी आबादी क्षेत्रों को सड़क से जोड़ने के नाम पर सरकार ने जिले में संपर्क मोटर मार्गों का जाल तो बिछाया है, लेकिन इनमें से अधिकांश सड़कें बदहाल होने और बरसात में जगह-जगह भूस्खलन सक्रिय होने से इन सड़कों से जुड़े गांवों के लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। चालू मानसून सीजन में जिले में डेढ़ दर्जन से ज्यादा मोटर मार्ग कई बार अवरुद्ध हुए।
जनपद में यमुनोत्री एवं गंगोत्री हाईवे के अलावा 254 संपर्क मोटर मार्ग हैं, जबकि तीन दर्जन से ज्यादा सड़कें निर्माणाधीन हैं। तैयार मोटर मार्गों में घटिया गुणवत्ता के कार्य और देखरेख में लापरवाही के चलते अधिकांश संपर्क मोटर मार्ग बदहाल पड़े हैं। धौंतरी-सिरी, गंगोरी-संगमचट्टी, गंगोरी-नाल्ड, सांकरी-तालुका, राजगढ़ी-सरनौल, खरादी-नगाणगांव आदि दर्जनों मोटर मार्गों पर वाहनों की आवाजाही खासी जोखिमभरी है।
खरादी-नगाणगांव मोटर मार्ग पर बने पुल की एप्रोच रोड बीते करीब दो माह तक यमुना नदी में समाए रहने के कारण यहां यातायात ठप पड़ा रहा। नौगांव प्रखंड में ही राजगढ़ी-सरनौल मोटर मार्ग का करीब डेढ़ सौ मीटर हिस्सा डेढ़ माह पूर्व बडियारगाड़ के उफान में बह गया था। इस दौरान सर बडियार क्षेत्र के 13 गांव अलग-थलग पड़े रहे। सड़कों पर यातायात बहाल तो हो गया, लेकिन आवाजाही अब भी जोखिमभरी है। सांकरी-तालुका मोटर मार्ग भी हलाराखड्ड एवं पूर्तिगाड़ में अवरुद्ध पड़ा है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो सड़कों की मरम्मत के लिए पर्याप्त बजट नहीं मिल पाने के कारण इस तरह की दिक्कतें आ रही हैं।