उत्तरकाशी। मोरी ब्लॉक के कलाप गांव के लिए सूपिन नदी पर बना पुल 16 साल पहले आपदा की भेंट चढ़ चुका है। गांव के लिए बाजार व खेती एवं चरागाह वाले डेरों की पुलिया भी बह गई है, जिससे ग्रामीण गिरे पेड़ के सहारे गदेरा पार करने को मजबूर हैं।
कलाप गांव के लिए सूपिन नदी पर बनी पुलिया टूट गई है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। गांव के वरदान सिंह, मासीराम, क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रह्लाद सिंह बताते हैं कि सरकार ने वर्ष 2002 की बाढ़ में बहे सूपिन नदी के पुल की जगह अभी तक दूसरा पुल नहीं बनाया। वैकल्पिक रास्ते पर रवागाड़ पर दो साल से पुल तो स्वीकृत है, लेकिन इसके नहीं बनने से लोग गिरे पड़े पेड़ों के सहारे जान जोखिम में डालकर गदेरे को पार करने को मजबूर हैं। राशन गांव तक पहुंचाने के लिए घोड़े-खच्चर ले जाने का रास्ता तक नहीं है। तारों की एक सीटर ट्राली तो है, लेकिन इसे महिलाएं, बुजुर्ग व बच्चे नहीं खींच पाते हैं।