उत्तरकाशी। गंगोत्री नेशनल पार्क प्रशासन ने कांवड़ यात्रियों को समझा बुझाकर गोमुख तक कांवड़ यात्रा सुचारु कर दी है। अब कांवड़ यात्री गोमुख तक जाकर शिवालयों में जलाभिषेक के लिए गंगाजल लेकर आ रहे हैं। साधु संतों एवं कांवड़ यात्रियों ने हिंदू धर्म की आस्था से जुड़ी इस यात्रा के दौरान पार्क क्षेत्र में लोगों की आवाजाही के नियमों में आंशिक ढील देने की मांग की है।
बता दें कि बीते मंगलवार को बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री गोमुख से गंगा जल लाने के लिए गंगोत्री नेशनल पार्क के कनखू बैरियर पर पहुंचे। यहां तैनात कर्मचारियों द्वारा एक दिन में डेढ़ सौ लोगों को ही पार्क क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति का नियम होने का हवाला देते हुए ज्यादा संख्या में कांवड़ यात्रियों को आगे जाने से रोक दिया गया। इस पर कांवड़ यात्री भड़क गए। बुधवार देर रात तक भी बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री कनखू बैरियर पर डटे रहे। उनका कहना था कि गंगा के उद्गम गोमुख से गंगा जल लाने का संकल्प लेकर वे घर से निकले हैं। इस धार्मिक यात्रा में नियमों का अड़ंगा लगाया जाना गलत है। कनखू बैरियर के पास स्थित आश्रम में रहने वाले स्वामी रामकृष्ण दास ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण जरूरी है, लेकिन धर्म के प्रति आस्था भी जरूरी है। सरकार को महज 15 दिनों तक चलने वाले इस कांवड़ सीजन के दौरान नियमों में ढील देनी चाहिए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए गंगोत्री नेशनल पार्क के वन क्षेत्राधिकारी प्रताप पंवार बुधवार देर रात मौके पर पहुंचे। उन्होंने कांवड़ यात्रियों के साथ बैठक कर उन्हें नियमों की जानकारी दी। साथ ही पार्क क्षेत्र में जोखिम के बारे में भी अवगत कराया। इस पर कई कांवड़ यात्री गंगोत्री से ही गंगा जल लेकर जाने को राजी हुए, जबकि संकल्प लेकर निकले यात्रियों को गोमुख तक जाने की अनुमति दे दी गई। तब जाकर मामला शांत हुआ। हालांकि कांवड़ यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बैरियर पर पुलिस बल के साथ ही बड़ी संख्या में वन कर्मी भी तैनात किए गए हैं।
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गंगोत्री नेशनल पार्क क्षेत्र में एक दिन में सिर्फ डेढ़ सौ लोगों को ही प्रवेश देने का नियम है। धार्मिक आस्था से जुड़ी कांवड़ यात्रा के दौरान होने वाले विवाद के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। फिलहाल कांवड़ यात्रा सुचारु ढंग से चल रही है। अतिवृष्टि की चेतावनी को देखते हुए अधिकांश कांवड़ यात्री गंगोत्री से ही गंगा जल भरने पर सहमत हो गए हैं।
-प्रताप पंवार, वन क्षेत्राधिकारी, गंगोत्री नेशनल पार्क।