नौगांव (उत्तरकाशी)। क्षेत्र के गांवों में आजकल रुद्रेश्वर महाराज के मेलों की धूम मची है। शुक्रवार शाम को सुनारा गांव पहुंचने पर देवता की डोली का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर आयोजित मेले में ग्रामीणों ने रुद्रेश्वर देवता के साथ बाबा बौखनाग, धर्मराज युधिष्ठिर, महासू देवता एवं माता नाटेश्वरी देवी के दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर पुण्य लाभ अर्जित किया। रविवार को सौंदाड़ी गांव में रुद्रेश्वर देवता के मेले का आयोजन किया जाएगा।
रवाईं घाटी के 65 गांवों में रुद्रेश्वर देवता के प्रति ग्रामीणों की अगाध आस्था है। बीते 27 जून को देवता के तियां गांव स्थित मंदिर के कपाट खोलकर रुद्रेश्वर महाराज की मूर्ति को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ बाहर निकाला गया। तब से देवता क्षेत्र के गांवों के भ्रमण पर निकले हैं। इस बार देवता की डोली मुगरसंती क्षेत्र के दो दर्जन से ज्यादा गांवों में जाएगी। इस दौरान इन गांवों में भव्य मेलों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार शाम को सुनारा गांव पहुंचने पर देवता की डोली का ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया गया।
देवता के पहुंचने पर सुनारा गांव में आयोजित मेले में पारंपरिक वस्त्रों में सजे ग्रामीणों ने लोक गीत एवं लोकनृत्यों के माध्यम से क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति की झलक प्रस्तुत की। इस दौरान उन्होंने अपने आराध्य को श्रीफल एवं हरियाली चढ़ाकर मन्नतें मांगी। शनिवार को मेले में शामिल श्रद्धालुओं को रुद्रेश्वर देवता के साथ बाबा बौखनाग, धर्मराज युधिष्ठिर, महासू देवता एवं माता नाटेश्वरी की मूर्ति के एक साथ दर्शन का सौभाग्य हासिल हुआ। शाम को देवता की डोली सौंदाड़ी गांव के लिए रवाना हुई। रविवार को यहां भव्य मेले का आयोजन किया जाएगा।
इस बार छिजा डाक में भी लगेगा मेला
देवलसारी मंदिर समिति के अध्यक्ष जयवीर परमार ने बताया कि नौ जुलाई को स्वील गांव के निकट छिजा डाक के पास पहली बार रुद्रेश्वर देवता के मेले का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि छिजा डाक में ग्रामीण सदियों से एक विशाल शिला को रुद्रेश्वर देवता के रूप में पूजते आए हैं। इस स्थान को देवता की सरहद भी कहा जाता है। हर साल देवता की डोली यहां आती थी, लेकिन इस बार यहां मंदिर का निर्माण होने पर पूरे दिन का मेला लगेगा। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सकलचंद रावत ने बताया कि मेलों की श्रृंखला के तहत 21 जुलाई को कोटा थात में सामूहिक मेला लगेगा। इसी दिन भंडारे का शुभ मुहूर्त निकालकर नियत तिथि पर कंडाऊं गांव स्थित मंदिर में रुद्रेश्वर देवता की मूर्ति स्थापित कर साल भर के लिए मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे।